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प्रधानमंत्री ने युवा उद्यमियों की बढ़ती सफलता की खुलकर सराहना की
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निरंतर परिश्रम और दृढ़ संकल्प को सफलता की मूल कुंजी बताया
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एक्स संदेश में प्राचीन संस्कृत सुभाषित का किया उल्लेख
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2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका पर जोर
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली।16 जनवरी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवा उद्यमियों को प्रेरित करते हुए कहा है कि उनका समर्पण, परिश्रम और नवाचार भारत के स्टार्टअप क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है। उन्होंने युवाओं को ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाली सबसे बड़ी ताकत बताया।
स्टार्टअप क्षेत्र में युवाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवा उद्यमी न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की साख भी मजबूत कर रहे हैं। युवाओं का आत्मविश्वास और जोखिम उठाने का साहस भारत की आर्थिक प्रगति को नई दिशा दे रहा है।
संस्कृत सुभाषित से दिया प्रेरणा संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा अपने संदेश में एक प्राचीन संस्कृत सुभाषित का उल्लेख किया
“दुर्लभान्यपि कार्याणि सिद्ध्यन्ति प्रोद्यमेन हि।
शिलाऽपि तनुतां याति प्रपातेनार्णसो मुहुः॥”
उन्होंने बताया कि इस सुभाषित का भाव यह है कि निरंतर प्रयास से अत्यंत कठिन कार्य भी संभव हो जाते हैं, जैसे पानी की बूंदें बार-बार गिरकर कठोर पत्थर को भी क्षीण कर देती हैं।
युवाओं को आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह
प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे असफलताओं से निराश न हों और निरंतर मेहनत, जोश और जुनून के साथ आगे बढ़ते रहें। उन्होंने कहा कि असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी निरंतर प्रयास से प्राप्त किए जा सकते हैं।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि युवा शक्ति ही वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की मजबूत नींव बनेगी और नवाचार आधारित उद्यमिता इस लक्ष्य में निर्णायक भूमिका निभाएगी।