चंडीगढ़ : 16 मार्च को समाज कल्याण सम्मेलन

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समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़, 3 मार्च : केंद्र सरकार की विभिन्न समाज कल्याण योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से 16 मार्च 2026 को चंडीगढ़ में एक विशाल सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा । यह निर्णय चंडीगढ़ प्रशासक की सलाहकार परिषद एवं समाज कल्याण समिति विभाग की विशेष बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष सत्य पाल जैन ने यूटी गेस्ट हाउस में की।

यह सम्मेलन टैगोर थियेटर में आयोजित होगा और इसकी अध्यक्षता चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया करेंगे। सम्मेलन में शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचा सकें।

बैठक में बताया गया कि प्रशासन की कुल 77 लाभकारी योजनाएं वर्तमान में संचालित हैं, जिनमें बच्चों, महिलाओं, वृद्धों, दिव्यांगजनों, अंतर्जातीय विवाह सहायता और शगुन योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। समिति का मानना है कि अनेक पात्र नागरिक केवल जानकारी के अभाव में इन योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इसलिए इस सम्मेलन के माध्यम से योजनाओं की विस्तृत जानकारी, पात्रता शर्तें और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

सत्य पाल जैन ने कहा कि समाज कल्याण समिति का प्रयास है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे सम्मेलन को सफल बनाने के लिए समुचित तैयारियां सुनिश्चित करें।

बैठक में एक महत्वपूर्ण मुद्दा वृद्धा पेंशन का भी उठा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि चंडीगढ़ में पिछले चार-पांच महीनों से रुकी हुई वृद्धा पेंशन अगले दो-तीन दिनों में जारी होने की संभावना है। इस संबंध में सत्य पाल जैन ने प्रशासक, केंद्रीय मंत्री और अन्य संबंधित अधिकारियों से बातचीत की थी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में पेंशन का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाएगा।

समिति ने चंडीगढ़ प्रशासन से यह सिफारिश करने का भी निर्णय लिया कि मलोया क्षेत्र में स्नेहालय के पास एक वृद्ध आश्रम स्थापित करने के प्रस्ताव पर विचार किया जाए। समिति का मानना है कि इससे बुजुर्गों और बच्चों को एक-दूसरे का साथ मिलेगा, जिससे सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में गुमशुदा बच्चों के विषय पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ में लापता बच्चों की खोज तेजी से की जा रही है और अब केवल 10 बच्चे ही ऐसे हैं, जिनकी उम्र लगभग 15 वर्ष के आसपास है और जो अभी तक नहीं मिल पाए हैं। प्रशासन उनके पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

इसके अलावा, शहर के सभी अस्पतालों में शाम की ओपीडी शुरू करने तथा आवारा पशुओं और कुत्तों की समस्या पर नियंत्रण के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में पालिका अरोड़ा, देवेश मोदगिल, मुकेश गोयल, संगीता जैन, शिवेंद्र मंदोत्रा, लखवीर सिंह, अनामिका वालिया, रमा मथारू, रेणु ऋषि गौतम, लता गिरी, गौरव गौड़, शीनू अग्रवाल, हरीश वशिष्ठ, राजेंद्र शर्मा, बिमसन आहूजा और संजीव गुलाटी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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