17 अक्टूबर दिन शनिवार से नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। आज नवरात्रि का तीसरा दिन है। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। इस बार नवरात्रि पूरे नौ दिन का होगा। इस बार नवरात्रि में अष्टमी, नवमी और दशमी तिथि को लेकर कुछ संशय की स्थिति बन रही है तो आइए जानते है सही तिथि-
परंतु हिन्दू पंचांग के अनुसार सप्तमी तिथि 23 अक्टूबर दिन शुक्रवार को पड़ रही है. वहीं अष्टमी तिथि भी 23 अक्टूकर की सुबह 06 बजकर 57 मिनट पर शुरू हो जाएगी, जो कि बुधवार 24 अक्टूबर की सुबह 6 बजकर 58 मिनट तक रहेगी. उसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी. नवमी तिथि 24 अक्टूबर की सुबह 6 बजकर 58 मिनट से शुरू होकर 25 अक्टूबर की सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी।
इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी, दशमी तिथि प्रारंभ 25 अक्टूबर की सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर होगी, जो 26 अक्टूबर के दिन सुबह 9 बजे समाप्त हो जाएगी। दशमी तिथि 25 अक्टूबर की सुबह लग जाने के कारण विजय दशमी पर्व इसी दिन मनाया जाएगा।
अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का है विशेष महत्व
नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर घरों और मंदिरो में कन्या पूजन किया जाता है। नवरात्रि में अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन करने का विशेष महत्व माना गया है। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथियों पर मां महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इन तिथियों पर कन्याओं को घरों में बुलाकर भोजन कराया जाता है। नवरात्रि में नौ कन्याओं को भोजन करवाना चाहिए क्योंकि नौं कन्याओं को देवी दुर्गा के नौं स्वरुपों का प्रतीक माना जाता है।