जोधपुर में संघ का शक्ति-केंद्र: आरएसएस की बड़ी बैठक

संघ प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में भाजपा समेत 32 संगठनों के प्रमुख नेता लेंगे हिस्सा, तय होगा नया भाजपा अध्यक्ष?

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  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय समन्वय बैठक 5 से 7 सितंबर तक राजस्थान के जोधपुर में आयोजित होगी।
  • इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और भाजपा सहित 32 सहयोगी संगठनों के प्रमुख नेता शामिल होंगे।
  • बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ-साथ भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन और संघ के शताब्दी वर्ष की तैयारियों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

समग्र समाचार सेवा
जोधपुर, 25 अगस्त, 2025: देश में आगामी राजनीतिक और सामाजिक दिशा तय करने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक की तैयारी हो रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की वार्षिक ‘अखिल भारतीय समन्वय बैठक’ इस साल 5 से 7 सितंबर तक राजस्थान के जोधपुर में आयोजित की जा रही है। यह तीन दिवसीय बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें संघ के सर्वोच्च पदाधिकारियों के साथ-साथ भाजपा समेत 32 प्रमुख सहयोगी संगठनों के शीर्ष नेता भी हिस्सा लेंगे। इस उच्च-स्तरीय सम्मेलन में न केवल पिछले एक साल की गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी, बल्कि भविष्य की रणनीतियों पर भी गहन मंथन किया जाएगा।

बैठक में कौन-कौन रहेंगे मौजूद?

जोधपुर में होने वाली इस बैठक में संघ के प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत सभी सह सरकार्यवाह और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद रहेंगे। इसके अलावा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महासचिव बी.एल. संतोष भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शिरकत करेंगे, जो इसकी अहमियत को और बढ़ा देता है। इसके अतिरिक्त, विश्व हिंदू परिषद (VHP), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), भारतीय मजदूर संघ (BMS), भारतीय किसान संघ (BKS), स्वदेशी जागरण मंच (SJM) और विद्या भारती जैसे प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधि भी अपनी-अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। यह बैठक इन सभी संगठनों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करने का एक बड़ा मंच साबित होगी।

किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

बैठक का एजेंडा काफी व्यापक है और इसमें कई समकालीन व भविष्योन्मुखी मुद्दों को शामिल किया गया है। हर संगठन पिछले एक वर्ष में किए गए अपने कार्यों और उपलब्धियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। इसके साथ ही, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव, सुरक्षा और देश की आंतरिक स्थिति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा होगी। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी अटकलें हैं कि इस बैठक में भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर भी गहन विचार-विमर्श हो सकता है। यह बैठक भाजपा की आगामी रणनीति और संगठनात्मक बदलावों का संकेत भी दे सकती है।

शताब्दी वर्ष की तैयारियों पर विशेष जोर

इस बैठक का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्य संघ के 2025 में आने वाले शताब्दी वर्ष की तैयारियों की समीक्षा करना है। संघ ने अपने शताब्दी वर्ष के लिए ‘हर घर, हर गाँव तक संघ’ की पहुँच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। इस बैठक में सभी सहयोगी संगठन अपने-अपने स्तर पर इन कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। संघ नेतृत्व इन सभी योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देगा ताकि यह लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके। यह बैठक संघ और उसके सहयोगी संगठनों के लिए एक रोडमैप तैयार करेगी, जिससे वे अगले कुछ वर्षों में अपने उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगे।

क्यों खास है यह बैठक?

आरएसएस की समन्वय बैठक हर साल अलग-अलग जगहों पर आयोजित की जाती है। पिछले वर्ष यह बैठक केरल के पलक्कड़ में हुई थी। यह बैठक संघ और उसके सभी अनुषांगिक संगठनों के लिए एक सामूहिक चिंतन और मार्गदर्शन का अवसर होती है। इसमें न केवल देश की वर्तमान परिस्थितियों का विश्लेषण होता है, बल्कि विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रीय चुनौतियों का सामना करने के लिए सामूहिक रणनीति भी बनाई जाती है। यह बैठक यह भी दर्शाती है कि संघ किस तरह अपने विभिन्न संगठनों के माध्यम से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा है और उन सभी प्रयासों में कैसे सामंजस्य स्थापित करता है।

 

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