देश के नए डिप्टी NSA बने अनीश दयाल सिंह
सीआरपीएफ़ और आईटीबीपी के पूर्व महानिदेशक अनीश दयाल सिंह अब उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की भूमिका निभाएंगे।
- केंद्र सरकार ने वरिष्ठ रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी अनीश दयाल सिंह को नया उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नियुक्त किया है।
- अनीश दयाल सिंह इससे पहले भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक रह चुके हैं।
- वे अपनी नई भूमिका में मुख्य रूप से देश के आंतरिक मामलों की सुरक्षा रणनीतियों पर काम करेंगे, जिसमें जम्मू-कश्मीर, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवाद जैसे मुद्दे शामिल हैं।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25 अगस्त, 2025: केंद्र सरकार ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने वरिष्ठ रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी अनीश दयाल सिंह को उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (डिप्टी NSA) नियुक्त किया है। मणिपुर कैडर के 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी रह चुके सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल के नेतृत्व में काम करेंगे। उनकी यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश कई तरह की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।
सीआरपीएफ और आईटीबीपी के रह चुके हैं महानिदेशक
अनीश दयाल सिंह का करियर तीन दशकों से अधिक का रहा है, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक रह चुके हैं। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने भारत की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका अनुभव विशेष रूप से आतंकवाद, नक्सलवाद और सीमा सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रहा है। अपनी पिछली जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया और सुरक्षा बलों की परिचालन दक्षता में सुधार के लिए व्यापक सुधार भी किए।
आंतरिक सुरक्षा पर होगा मुख्य ध्यान
डिप्टी NSA के रूप में अनीश दयाल सिंह की मुख्य जिम्मेदारी देश के आंतरिक सुरक्षा मामलों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पास जम्मू-कश्मीर, नक्सलवाद, और पूर्वोत्तर में उग्रवाद से संबंधित रणनीतियों को संभालने का दायित्व होगा। राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में उनकी नियुक्ति को एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। उनका व्यापक अनुभव और जमीनी समझ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को नई ताकत देगी और भारत की सुरक्षा रणनीतियों को और अधिक मजबूत व सुदृढ़ बनाएगी।
लंबा और प्रभावशाली करियर
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 1964 में जन्मे अनीश दयाल सिंह ने 1988 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयन होने के बाद हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया था। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने मणिपुर कैडर से की थी। इसके अलावा, उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में लगभग 30 वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अगस्त 2024 में उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था, जिससे सुरक्षा और खुफिया मामलों में उनकी विशेषज्ञता और भी पुख्ता होती है। वह दिसंबर 2024 में सीआरपीएफ के डीजी पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
अनीश दयाल सिंह की नियुक्ति से यह साफ है कि सरकार सुरक्षा और खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए अनुभवी और कुशल अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात कर रही है। उम्मीद की जा रही है कि उनकी विशेषज्ञता और नेतृत्व से देश की सुरक्षा व्यवस्था एक नए स्तर पर पहुंचेगी।