हैदराबाद के हनमकोंडा में 300 आवारा कुत्तों की हत्या
श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में सामूहिक रूप से मारे गए आवारा कुत्ते
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तीन दिनों के भीतर 300 आवारा कुत्तों की हत्या का आरोप
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नौ लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत केस
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सरपंचों और पंचायत सचिवों पर आरोप, दो लोगों को ज़हर देने के लिए नियुक्त किया
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पुलिस ने कहा, सभी पहलुओं की जाँच जारी
समग्र समाचार सेवा
हैदराबाद/हनमकोंडा। 12 जनवरी: तेलंगाना के हैदराबाद से सटे हनमकोंडा जिले में पशु क्रूरता का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में कथित तौर पर करीब 300 आवारा कुत्तों को ज़हर देकर मार डाला गया। इस मामले में पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
तीन दिनों में अंजाम दी गई सामूहिक हत्या
शिकायत के अनुसार, 6 जनवरी से 8 जनवरी के बीच इन दोनों गांवों में आवारा कुत्तों को निशाना बनाया गया। आरोप है कि कुत्तों को ज़हर दिया गया और मरने के बाद उनके शवों को गांवों के बाहरी इलाकों में फेंक दिया गया, ताकि घटना पर किसी का ध्यान न जाए।
पशु कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराई शिकायत
पशु कल्याण कार्यकर्ता अदुलपुरम गौतम और फरजाना बेगम ने 9 जनवरी को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी कार्रवाई के पीछे स्थानीय सरपंचों और ग्राम पंचायत सचिवों की भूमिका है, जिन्होंने दो व्यक्तियों को इस काम के लिए नियुक्त किया।
पुलिस जाँच शुरू
शिकायत के आधार पर श्यामपेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की गहराई से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पशु अधिकार संगठनों में आक्रोश
घटना के बाद पशु अधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में गहरा रोष है। संगठनों का कहना है कि आवारा पशुओं की समस्या का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि नसबंदी, टीकाकरण और मानवीय प्रबंधन नीतियों से किया जाना चाहिए।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु प्रेमियों का कहना है कि कानून के रहते इस तरह की सामूहिक हत्या प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है।