- ईडी छापेमारी के दौरान सीएम ममता बनर्जी मौके पर पहुँची
- सूत्रों के अनुसार प्रतीक जैन का मोबाइल फोन लिया गया
- डीजीपी ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया
- विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बयानबाजी तेज
समग्र समाचार सेवा
कोलकाता ,पश्चिम बंगाल 9 जनवरी – में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक छापेमारी के दौरान उस वक्त बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मौके पर पहुंचीं। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान आई-पैक (I-PAC) के डायरेक्टर प्रतीक जैन का मोबाइल फोन सीएम ममता बनर्जी ने अपने पास ले लिया। इस घटना के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई।क्या है पूरा मामला?
सूत्र बताते हैं कि ईडी की टीम एक कथित वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामले में कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान स्थानीय नेताओं और समर्थकों की भीड़ जुटने लगी। हालात बिगड़ते देख मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुँची और अधिकारियों से बातचीत की। इसी क्रम में प्रतीक जैन का फोन जब्त किए जाने को लेकर विवाद सामने आया।
डीजीपी की सख्त चेतावनी
घटना के बाद राज्य के डीजीपी की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई। सूत्रों का दावा है कि कानून-व्यवस्था में हस्तक्षेप को लेकर गिरफ्तारी तक की चेतावनी दी गई। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि मुख्यमंत्री ने केवल स्थिति को शांत करने और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप किया।
विपक्ष का हमला, सत्ता का बचाव
इस पूरे प्रकरण पर विपक्ष ने ममता सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के काम में बाधा डालने का आरोप लगाया। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” करार देते हुए कहा कि ईडी का दुरुपयोग किया जा रहा है।
प्रमुख बिंदु (Bullet Points)
आगे क्या?
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि एजेंसियों के काम में हस्तक्षेप साबित होता है, तो मामला अदालत तक जा सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें आधिकारिक बयानों और ईडी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।