8 जनवरी दैनिक राशिफल एवं आज का पंचांग

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🐏मेष
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बेचैनी रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। सामाजिक कार्य करने में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🐂वृष
यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्‍थ्य प्रभावित होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। मित्रों का सहयोग समय पर प्राप्त होगा। रुके कार्यों में गति आएगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम न उठाएं।

👫मिथुन
जल्दबाजी से चोट लग सकती है। दूर से शोक समाचार मिल सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी अपने ही व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। थकान व कमजोरी रह सकती है। स्वास्थ्य पर खर्च होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। नौकरी में कार्यभार रहेगा। भागदौड़ रहेगी। आय होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🦀कर्क
कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। थकान व कमजोरी रह सकती है। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। निवेश में जल्दबाजी न करें। नौकरी में शांति रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। मित्रों का सहयोग रहेगा। कार्य समय पर पूर्ण होंगे।

🐅सिंह
पुराना रोग उभर सकता है। दूर से दु:खद समाचार मिल सकता है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। किसी व्यक्ति के व्यवहार से अप्रसन्नता रहेगी। अपेक्षित कार्य विलंब से होंगे। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। किसी व्यक्ति विशेष की नाराजी झेलना पड़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🙍‍♀️कन्या
जल्दबाजी न करें। कोई समस्या खड़ी हो सकती है। शरीर शिथिल हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। भूमि व भवन इत्यादि की खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। आय में वृद्धि होगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेगे। प्रमाद न करें।

⚖️तुला
धनहानि संभव है, सावधानी रखें। किसी व्यक्ति के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। विवाद से बचें। शत्रु शांत रहेंगे। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा।

🦂वृश्चिक
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। बात बढ़ सकती है। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्‍थ्य की चिंता रहेगी। तनाव रहेगा। पुराना रोग उभर सकता है। लेन-देन में सावधानी रखें। किसी भी व्यक्ति की बातों में न आएं। महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें, लाभ होगा।

🏹धनु
शत्रु सक्रिय रहेंगे। शारीरिक कष्‍ट संभव है। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। निवेश मनोनुकूल लाभ देगा। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

🐊मकर
धन प्राप्ति सुगम तरीके से होगी। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं होगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य करने में रुझान रहेगा। मान-सम्मान मिलेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से मनोनुकूल लाभ होगा। कष्ट, तनाव व चिंता का वातावरण बन सकता है। शत्रु पस्त होंगे।

🍯कुंभ
पूजा-पाठ में मन लगेगा। किसी साधु-संत का आशीवार्द मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेंगे। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। लंबित कार्य पूर्ण होंगे। प्रमाद न करें।

🐟मीन
घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में संतोष रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। विरोध होगा। विवाद से क्लेश होगा, इससे बचें। पुराना रोग उभर सकता है। परिवार की चिंता रहेगी। जल्दबाजी न करें।

दिनाँक:-08/01/2026,गुरुवार
कृष्ण पक्ष , माघ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि————– षष्ठी 31:04:54. तक
पक्ष————————– कृष्ण
नक्षत्र—– पूर्वा फाल्गुनी 12:23:37
योग———– सौभाग्य 17:24:49
करण———–‐— गर 18:42:51
करण ————वणिज 31:04:54
माह—————–‐——— माघ
चन्द्र राशि—— सिंह 18:38:18
चन्द्र राशि—————— कन्या
सूर्य राशि——————— धनु
रितु————————- शिशिर
आयन————–‐—– उत्तरायण
संवत्सर——————- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर) ————–सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 25-25
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत ———————–1947
कलि संवत-‐—————- 5126

वृन्दावन
सूर्योदय–‐————- 07:12:21
सूर्यास्त—————– 17:39:35
दिन काल————– 10:27:14
रात्री काल————– 13:32:50
चंद्रास्त—————– 10:36:26
चंद्रोदय—————– 22:50:37

लग्न— धनु 23°33′ , 263°33′

सूर्य नक्षत्र—————- पूर्वाषाढा
चन्द्र नक्षत्र———– पूर्वी फाल्गुनी
नक्षत्र पाया——————- रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

टू—- पूर्वा फाल्गुनी 12:23:37

टे—- उत्तरा फाल्गुनी 18:38:18

टो—- उत्तरा फाल्गुनी 24:55:58

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= धनु 23°16 , पूoषाo 4 ढा
चन्द्र= सिंह 23°30 , पूoफाo 4 टू
बुध = धनु 15°52 ‘ पूoषाo 1 भू
शु क्र= धनु 23°05, पूoषाo 4 ढा
मंगल= धनु 23°30 ‘ पूoषाo 4 ढा
गुरु= मिथुन 26°50 पुनर्वसु, 2 को
शनि=मीन 02°13 ‘ पूo भा o , 4 दी
राहू=(व) कुम्भ 17°39 शतभिषा, 4 सू
केतु= (व) सिंह 17°39 पूoफाo 2 टा
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 13:44 – 15:03 अशुभ
यम घंटा 07:12 – 08:31 अशुभ
गुली काल 09:49 – 11:08 अशुभ
अभिजित 12:05 – 12:47. शुभ
दूर मुहूर्त 10:41 – 11:23 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:52 – 15:34. अशुभ
वर्ज्यम 19:54 – 21:34 अशुभ
प्रदोष 17:40 – 20:25 शुभ

💮 चोघडिया, दिन

शुभ 07:12 – 08:31 शुभ
रोग 08:31 – 09:49 अशुभ
उद्वेग 09:49 – 11:08 अशुभ
चर 11:08 12:26 शुभ
लाभ 12:26 13:44 शुभ
अमृत 13:44 15:03 शुभ
काल 15:03 16:21 अशुभ
शुभ 16:21 17:40 शुभ

🚩चोघडिया, रात

अमृत 17:40 – 19:21 शुभ
चर 19:21 21:03 शुभ
रोग 21:03 – 22:44 अशुभ
काल 22:44 24:26* अशुभ
लाभ 24:26* – 26:08* शुभ
उद्वेग 26:08* – 27:49* अशुभ
शुभ 27:49* – 29:31* शुभ
अमृत 29:31* – 31:12* शुभ

🚩होरा, दिन

बृहस्पति 07:12- 08:05
मंगल 08:05- 08:57
सूर्य 08:57 -09:49
शुक्र 09:49 -10:41
बुध 10:41 -11:34
चन्द्र 11:34 -12:26
शनि 12:26- 13:18
बृहस्पति 13:18- 14:11
मंगल 14:11 -15:03
सूर्य 15:03 -15:55
शुक्र 15:55 -16:47
बुध 16:47- 17:40

🚩होरा, रात

चन्द्र 17:40-18:47
शनि18:47 -19:55
बृहस्पति 19:55- 21:03
मंगल 21:03- 22:11
सूर्य 22:11- 23:18
शुक्र 23:18- 24:26
बुध 24:26-25:34
चन्द्र 25:34-26:41
शनि 26:41-27:49
बृहस्पति”27:49-28:57
मंगल 28:57-30:05
सूर्य 30:05-31:12

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

धनु > 05:36 से 07:38 तक
मकर > 07:38 से 09:18 तक
कुम्भ > 09:18 से 10:58 तक
मीन > 10:58 से 12:22 तक
मेष > 12:22 से 13:58 तक
वृषभ > 13:58 से 15:56 तक
मिथुन > 15:56 से 18:22 तक
कर्क > 18:22 से 20:32 तक
सिंह > 20:32 से 10:42 तक
कन्या > 10:42 से 01:08 तक
तुला > 01:08 से 03:10 तक
वृश्चिक > 03:10 से 05:30 तक
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🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 6 + 5 + 1 = 27 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

गुरु ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

21 + 21 + 5 = 47 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

रात्रि 31:05 से प्रारम्भ

पाताल लोक = धनलाभ कारक

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*रवि योग

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

वयसः परिणामेऽपि यः खलः खलः एव सः ।
सम्पक्वमपि माधुर्यं नापयातीन्द्रवारुणम् ।।
।।चाoनीo।।

जो व्यक्ति अपने बुढ़ापे में भी मुर्ख है वह सचमुच ही मुर्ख है. उसी प्रकार जिस प्रकार इन्द्र वरुण का फल कितना भी पके मीठा नहीं होता.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: ज्ञानकर्मसन्यासयोग अo-4

बहूनि मे व्यतीतानि जन्मानि तव चार्जुन।
तान्यहं वेद सर्वाणि न त्वं वेत्थ परन्तप॥

श्री भगवान बोले- हे परंतप अर्जुन! मेरे और तेरे बहुत से जन्म हो चुके हैं। उन सबको तू नहीं जानता, किन्तु मैं जानता हूँ
॥5॥

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

————————————————-
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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