बेटे के निधन के बाद वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल करेंगे 75% संपत्ति दान

बेटे अग्निवेश के निधन के बाद अनिल अग्रवाल का भावुक ऐलान, सेवा ही जीवन का लक्ष्य

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  • बेटे अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद अनिल अग्रवाल ने दान के संकल्प को दोहराया
  • कुल संपत्ति का 75% से अधिक हिस्सा सामाजिक कार्यों में लगाने का फैसला
  • वेदांता समूह भारत और विदेशों में माइनिंग, पावर और ऑयल सेक्टर में सक्रिय
  • फोर्ब्स के अनुसार अनिल अग्रवाल परिवार की नेटवर्थ करीब 35,000 करोड़ रुपये

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 8 जनवरी: वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल इस समय अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। बेटे अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन के बाद उन्होंने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वह अपनी कुल संपत्ति का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज के लिए दान करेंगे। अनिल अग्रवाल ने कहा कि आगे की पूरी जिंदगी वह और अधिक सादगी से जिएंगे और समाज सेवा को ही अपना उद्देश्य बनाएंगे।

बेटे से किया था वादा

अनिल अग्रवाल ने भावुक संदेश में लिखा कि यह वादा उन्होंने अपने बेटे अग्निवेश से किया था। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी उन्होंने जीवन में कमाया है, उसका बड़ा हिस्सा समाज को लौटाया जाएगा। बेटे के जाने के बाद यह संकल्प और भी मजबूत हो गया है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

49 वर्षीय अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। अनिल अग्रवाल ने लिखा कि वह और उनकी पत्नी किरण अग्रवाल इस दुख से पूरी तरह टूट चुके हैं, लेकिन वेदांता समूह में काम करने वाला हर व्यक्ति उन्हें अपने परिवार का हिस्सा लगता है।

कौन हैं अनिल अग्रवाल

अनिल अग्रवाल वेदांत संसाधन के फाउंडर और चेयरमैन हैं। वर्ष 1976 में उन्होंने वेदांता समूह की शुरुआत की थी। आज कंपनी मेटल, माइनिंग, पावर और ऑयल जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ-साथ विदेशों में भी मजबूत उपस्थिति रखती है। अनिल अग्रवाल को एक सेल्फ-मेड उद्यमी के रूप में जाना जाता है।

संघर्ष से शिखर तक का सफर

1954 में पटना, बिहार में जन्मे अनिल अग्रवाल ने अपने पिता के साथ कबाड़ के काम से शुरुआत की। 19 साल की उम्र में वह मुंबई पहुंचे। शुरुआती दौर में कई बार नुकसान हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। यही संघर्ष आगे चलकर वेदांता समूह की नींव बना।

परिवार और जिम्मेदारियाँ

अनिल अग्रवाल की पत्नी किरण अग्रवाल हमेशा सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं, लेकिन हर फैसले में उनके साथ रहीं। बेटी प्रिया अग्रवाल अब परिवार और कारोबार की बड़ी जिम्मेदारियाँ संभाल रही हैं। उनके भाई नवीन अग्रवाल भी समूह के वाइस चेयरमैन हैं।

अग्निवेश अग्रवाल की भूमिका

अग्निवेश अग्रवाल वेदांता की सहयोगी कंपनी तालवंडी साबो पावर लिमिटेड के बोर्ड में थे। उन्होंने फुजैराह गोल्ड जैसी कंपनी की भी स्थापना की थी। सादा जीवन पसंद करने वाले अग्निवेश का अचानक जाना पूरे परिवार के लिए गहरा आघात है।

कितनी है संपत्ति

फोर्ब्स के अनुसार अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ करीब 4.2 अरब डॉलर, यानी लगभग 35,000 करोड़ रुपये है। इस संपत्ति का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा दान करने का फैसला वह पहले ही कर चुके थे, जिसे अब उन्होंने दोहराया है।

बेटे के सपनों को देंगे आकार

अनिल अग्रवाल ने कहा कि उनका और उनके बेटे का सपना भारत को आत्मनिर्भर बनाना था। कोई बच्चा भूखा न सोए, हर बच्चे को शिक्षा मिले, महिलाएँ सशक्त बनें और युवाओं को रोजगार मिले इन्हीं लक्ष्यों के लिए वह अपने जीवन का शेष समय समर्पित करेंगे।

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