प्रशंसा के साथ दबाव: रूसी तेल पर भारत को ट्रंप की दो-टूक चेतावनी
रूसी तेल आयात जारी रहने पर शुल्क बढ़ाने की चेतावनी, ट्रंप बोले—भारत जानता था मैं संतुष्ट नहीं था
-
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत को चेतावनी दी
-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “अच्छा व्यक्ति” बताते हुए उनकी खुले तौर पर प्रशंसा
-
रूसी तेल आयात जारी रहने पर भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के संकेत
-
दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता और ऊर्जा नीति फिर चर्चा के केंद्र में
समग्र समाचार सेवा
वाशिंगटन, 05 जनवरी: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि भारत रूस से तेल का आयात जारी रखता है, तो अमेरिका भारत पर आयात शुल्क बढ़ा सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान भारत की ऊर्जा नीति को लेकर अमेरिका की बढ़ती नाराज़गी को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा के साथ चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुले तौर पर प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक अच्छे व्यक्ति हैं और उन्हें यह अच्छी तरह पता था कि रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर अमेरिका संतुष्ट नहीं है। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत इस स्थिति को समझते हुए अमेरिका को संतुलित करने का प्रयास कर रहा था।
भारत द्वारा तेल खरीद में कमी का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने हाल के समय में रूस से तेल की खरीद में काफी हद तक कमी की है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस मुद्दे पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, तो अमेरिका के पास शुल्क बढ़ाने जैसे कड़े कदम उठाने का विकल्प मौजूद है।
ऊर्जा व्यापार को लेकर बढ़ी निगरानी
यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस के साथ भारत के ऊर्जा व्यापार पर वाशिंगटन में निगरानी बढ़ाई जा रही है। भारत की ओर से लगातार यह रुख रखा गया है कि तेल आयात का निर्णय देश की घरेलू ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर लिया जाता है और यह किसी बाहरी दबाव का परिणाम नहीं है।
हालिया बातचीत का संदर्भ
राष्ट्रपति ट्रंप की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई हालिया दूरभाष बातचीत के कुछ ही सप्ताह बाद सामने आई है। उस बातचीत में दोनों नेताओं ने आयात शुल्क से जुड़े मतभेदों के बावजूद भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया था।
व्यापार वार्ता और शुल्क विवाद
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दों पर पिछले वर्ष बातचीत शुरू हुई थी, लेकिन अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर भारी शुल्क लगाए जाने के बाद यह प्रक्रिया प्रभावित हुई। वर्तमान में दोनों देशों के अधिकारी लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
अमेरिकी दूतावास का उल्लेख
हाल ही में भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान का उल्लेख किया था, जिसमें उन्होंने भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका का मित्र कहा था। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देशों के संबंधों में संवाद और दबाव दोनों समानांतर रूप से चल रहे हैं।