प्रधानमंत्री मोदी ओमान में सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात करेंगे
व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, कृषि और सांस्कृतिक सहयोग समेत क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होगी
-
प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से अहम द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
-
व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा, कृषि और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी।
-
भारत और ओमान के व्यापारिक नेताओं के लिए बिजनेस फोरम का आयोजन किया जाएगा।
-
भारतीय समुदाय ने मस्कट में मोदी का जोरदार स्वागत किया, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
समग्र समाचार सेवा
ओमान | 18 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे पर चर्चा होगी। बैठक में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, तकनीक, कृषि और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर बातचीत होगी। इसके अलावा साझा रुचि वाले क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को तीन देशों के दौरे के तीसरे और अंतिम चरण में ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे। एयरपोर्ट पर ओमान के रक्षा मामलों के उपप्रधानमंत्री सैय्यद शिहाब बिन तारिक अल सईद ने उनका स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया।
यात्रा के दौरान एक बिजनेस फोरम का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री मोदी भारत और ओमान के व्यापारिक नेताओं को संबोधित करेंगे। फोरम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देना है।
होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत किया। सैकड़ों भारतीयों ने हाथों में तिरंगा लेकर ‘मोदी मोदी’, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से बातचीत की और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
यह प्रधानमंत्री मोदी की ओमान की दूसरी यात्रा है। इससे पहले वे फरवरी 2018 में ओमान गए थे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और ओमान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इससे पहले दिसंबर 2023 में ओमान के सुल्तान भारत के राजकीय दौरे पर आए थे।
विशेषज्ञों के अनुसार यह यात्रा भारत और ओमान के रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। बैठक के बाद दोनों देशों के बीच नए समझौतों और सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा होने की संभावना है।