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अधिकांश एग्जिट पोल्स में NDA की स्पष्ट बढ़त।
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वोट शेयर का अंतर बेहद कम, यानी मुकाबला रोमांचक।
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जन सुराज पार्टी को उम्मीद के अनुसार सफलता नहीं।
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14 नवंबर को आने वाले नतीजे ही तय करेंगे कि बिहार में फिर “नीतीश राज” रहेगा या कोई और ।
पूनम शर्मा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के एग्जिट पोल्स ने राज्य की राजनीति में नई हलचल मचा दी है । दो चरणों में हुए मतदान के बाद जारी 11 प्रमुख सर्वेक्षणों के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए एक बार फिर सत्ता में वापसी करता दिख रहा है । वहीं दूसरी ओर तेजस्वी यादव सीटों की दौड़ में भले ही पीछे हों लेकिन जनता के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए लगातार उनकी लोकप्रियता बढ़ती दिख रही है ।
एनडीए
ज्यादातर एग्जिट पोल्स में स्पष्ट रूप से एनडीए की बढ़त दिखाई दे रही है। लगभग सभी सर्वे में भाजपा-जदयू गठबंधन को 130 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि महागठबंधन (MGB) को 70 से 100 सीटों के बीच बताया गया है।
नीचे देखें 11 सर्वे एजेंसियों के अनुमान:
दैनिक भास्कर: NDA 145–160, MGB 73– 91
पोलसट्रेट : NDA 133–148, MGB 87–102
मैट्राइज: NDA 147–167, MGB 70– 90
वॉटेविबे : NDA 125–145, MGB 95–115
पीपुल्स पल्स : NDA 133–159, MGB 75–101
पीपुल्स साइट : NDA 133–148, MGB 87–102
DVC रिसर्च: NDA 137–152, MGB 83– 98
एक्सिस माय इंडिया: NDA 121–141, MGB 98– 118
टोडेस चाणक्य : NDA 148–178, MGB 66– 89
पोल डायरी: NDA 184–209, MGB 32– 49
JVC: NDA 135–150, MGB 88–103
सबसे ज़्यादा सीटें Poll Diary ने एनडीए को 184–209 दी हैं जबकि सबसे कम Axis My India ने 121–141 बताई है. वहीं, महागठबंधन के लिए अधिकतम अनुमान 118 सीटों का है.
दिलचस्प बात यह है कि भले ही एनडीए को सत्ता में वापसी मिलती दिख रही हो, लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए जनता की पहली पसंद तेजस्वी यादव बने हुए हैं।.
जन सुराज पार्टी की उम्मीदें धूमिल
प्रशांत किशोर की नई पार्टी जन सुराज पार्टी को लेकर जो उम्मीदें थीं, वो लगभग खत्म होती दिख रही हैं। ज्यादातर सर्वे में उसे 0 से 5 सीटों के बीच ही अनुमान मिला है।
वोट शेयर में काफ़ी अंतर नहीं है
एग्जिट पोल के मुताबिक, सीमांचल और कटिहार-पूर्णिया बेल्ट में महागठबंधन को कुछ फायदा होता दिख रहा है, क्योंकि ये मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं। वहीं, मगध, मिथिला और उत्तर बिहार में एनडीए की पकड़ मजबूत बनी हुई है।
2025 के एग्जिट पोल इस ओर इशारा करते हैं कि बिहार में नीतीश मॉडल अभी भी कायम है, . जहाँ एनडीए को सत्ता में वापसी मिलती दिख रही है, वहीं तेजस्वी यादव की लोकप्रियता राज्य के युवा और बेरोजगारी मुद्दों पर नई राजनीतिक कहानी लिख रही है।