सेल का पर्दाफाश! डॉक्टर-मौलवी गठजोड़ से NIA को मिले चौंकाने वाले सबूत

फरीदाबाद-दिल्ली मॉड्यूल का खुलासा, मेडिकल कॉलेजों से जुड़ा आतंकी नेटवर्क; AK-47, मौलवी का ब्रेनवॉश और कश्मीर कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता

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  • NIA ने जांच संभाली, कई मेडिकल कॉलेजों में छापेमारी
  • डॉक्टरों और पूर्व मौलवी के स्लीपर सेल नेटवर्क का खुलासा
  • डॉक्टर के लॉकर से AK-47 और कश्मीर लिंक बरामद
  • धमाके में मृतकों की संख्या बढ़कर 10, देशभर में हाई अलर्ट

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11 नवंबर: दिल्ली ब्लास्ट की जांच से कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। NIA की टीम ने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में छापेमारी के दौरान पाया कि कुछ डॉक्टर और एक पूर्व मौलवी मिलकर स्लीपर सेल नेटवर्क चला रहे थे। GMC अनंतनाग में डॉक्टर के लॉकर से AK-47 राइफल मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को सुरक्षा संबंधी सर्कुलर जारी किया है।

फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के तीन और डॉक्टरों से पूछताछ जारी है। सूत्रों के अनुसार, मौलवी इरफान, जो पहले GMC श्रीनगर में पैरामेडिकल स्टाफ और इमाम थे, ने मेडिकल छात्रों का ब्रेनवॉश कर कट्टरपंथ की राह पर धकेला। बताया जा रहा है कि इनका संबंध जैश-ए-मोहम्मद से वैचारिक रूप से जुड़ा हुआ था, और इन्हीं ने फरीदाबाद-दिल्ली मॉड्यूल की नींव रखी थी।

इस बीच धमाके में इस्तेमाल i20 कार 29 अक्टूबर को खरीदी गई थी और उसी दिन उसका PUC अपडेट किया गया। हादसे में मृतकों की संख्या 10 पहुंच गई है, जबकि 30 लोग अभी भी LNJP अस्पताल में भर्ती हैं। एक शव पेड़ से लटकता मिला, जो धमाके की तीव्रता का प्रमाण है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घायलों से मुलाकात कर कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। वहीं गृह मंत्रालय ने दोपहर 3 बजे जांच एजेंसियों की अहम बैठक बुलाई है।

रेड फोर्ट ब्लास्ट केस में एक शव की पहचान टैटू “Mom, Dad और Kriti” के निशान से अमर कटारिया के रूप में हुई है। देशभर के रेलवे स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और एंटी-सैबोटाज जांच तेज़ कर दी गई है।

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