दिल्ली में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 नौकरशाहों का हुआ तबादला
दिल्ली की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल, 23 अफसरों को मिला नया प्रभार, जानें किस अधिकारी को कौन सी जिम्मेदारी मिली।
- दिल्ली सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 23 आईएएस और दानिक्स अधिकारियों का तबादला किया है।
- उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया है, जिसमें कई अधिकारियों को नई और अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं।
- इस फेरबदल का उद्देश्य सरकारी विभागों के कामकाज को और अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 4 अगस्त, 2025 – राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकारी कामकाज को और अधिक सुचारू और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना के निर्देश पर, 23 वरिष्ठ आईएएस और दानिक्स (DANICS) अधिकारियों का तबादला किया गया है, और उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह फेरबदल राजधानी की नौकरशाही में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, जहाँ सरकार का लक्ष्य विभागों की कार्यप्रणाली को तेज और अधिक जवाबदेह बनाना है।
प्रमुख अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
इस फेरबदल में कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियाँ की गई हैं। 2000 बैच की आईएएस अधिकारी दिलराज कौर को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव के पद से हटाकर समाज कल्याण विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। उन्हें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इसी तरह, वर्तमान में उच्च शिक्षा विभाग की सचिव नंदिनी पालीवाल अब आयुक्त (व्यापार एवं कर) का कार्यभार संभालेंगी, जबकि शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी पांडुरंग के. पोल को सौंपी गई है।
अतिरिक्त प्रभार और विभागीय बदलाव
इस तबादला सूची में कुछ अधिकारियों को उनके मौजूदा पदों के साथ-साथ अतिरिक्त प्रभार भी दिए गए हैं। संभागीय आयुक्त नीरज सेमवाल अब भूमि एवं भवन के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। परिवहन आयुक्त निहारिका राय को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। रवि धवन, जो पहले ऊर्जा विभाग में विशेष सचिव थे, अब केवल दिल्ली जल बोर्ड (DJB) का प्रभार संभालेंगे। इन बदलावों का मकसद अधिकारियों की कार्यकुशलता का बेहतर उपयोग करना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को बढ़ाना है।
फेरबदल का कारण और उद्देश्य
इस बड़े फेरबदल के पीछे का मुख्य कारण विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार लाना और शासन को अधिक प्रभावी बनाना है। दिल्ली सरकार का मानना है कि नई टीम के जरिए विभागों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी। यह फेरबदल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार के प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक और कदम है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर तेजी से काम करने की दिशा में प्रयासरत है।
सरकार की नई टीम और चुनौतियाँ
इस फेरबदल के बाद, दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में कई नए चेहरे और नई जिम्मेदारियां देखने को मिलेंगी। इन अधिकारियों के सामने कई चुनौतियां भी हैं, जैसे कि लंबित परियोजनाओं को पूरा करना, जन शिकायतों का निवारण करना और सरकारी सेवाओं को जनता तक सुगमता से पहुंचाना। इस फेरबदल से यह उम्मीद जताई जा रही है कि राजधानी में प्रशासनिक कामकाज में एक नई ऊर्जा और गति आएगी।