दुनिया का सबसे बड़ा कुख्यात धुतारा! ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ से निकले केजरीवाल, खुद भ्रष्टाचार के मामले में हुए अरेस्ट; जानिए कैसा रहा करियर

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 23मार्च। ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ से निकले अरविंद केजरीवाल खुद भ्रष्टाचार के मामले में अरेस्ट होंगे इसकी कल्पना उन्होंने आंदोलन के समय कभी नहीं की होगी। लेकिन सच्चाई यही है अब वे गिरफ्तार हो चुके हैं जिसका अंदेशा वे पिछले कुछ महीने से जता रहे थे।

◆ आम आदमी पार्टी के करीब एक दर्जन से अधिक विधायक नेता अभी तक गिरफ्तार हो चुके हैं इस लिस्ट में अब सीएम केजरीवाल का नाम भी शामिल हो गया है.
◆ पार्टी का सबसे बड़े रणनीतिकार को जेल, कैसे चुनाव लड़ेगी AAP, दिल्ली-पंजाब में क्या होगा?

हरियाणा के हिसार में 1968 को जम्मे अरविंद केजरीवाल 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जाना पहचाना चेहरा बन चुके थे। दो अक्टूबर 2012 को अरविंद केजरीवाल ने राजनीति में आने की घोषणा की।

■ अरविंद केजरीवाल के ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’आंदोलन की। ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन को अन्ना हजारे ने लांच किया था जिसका हिस्सा अरविंद केजरीवाल भी थे।
■ केजरीवाल और मनीष सिसोदिया राजनीति में आने से पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में लंबे समय से जुड़े रहे।
■ साल 2006 में अरविंद केजरीवाल को भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाने के लिए रामन मेगसेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
■ ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’आंदोलन का मकशद ही था कि सरकार पर भ्रष्टाचार विरोधी कड़े कानून बनाकर दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे डालना।
■ साल 2011 की बात है जब दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हजारे भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कानून और लोकपाल बिल की मांग को लेकर सैकड़ों समर्थकों के साथ अनशन पर बैठ गए।
■ दिल्ली का रामलीला मैदान हजारों लोगों से भरा हुआ था। ‘मैं भी अन्ना’ की टोपी लगाकर भ्रष्टाचार की मुहिम से जुड़ते चले गए। यही वो दौर था जब तत्कालीन यूपीए सरकार के खिलाफ देश भर में भ्रष्टाचार को लेकर माहौल बनने लगा।
■ दो अक्टूबर 2012 को अरविंद केजरीवाल ने राजनीति में आने की घोषणा की। भारतीय संविधान की वर्षगांठ के दिन 26 नवंबर 2012 को आम आदमी पार्टी का गठन किया।
■ आम आदमी पार्टी ने साल 2013 में दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ा और पहली बार में ही 70 में से 28 सीटें जीत ली। कांग्रेस ने बाहर से समर्थन दिया और केजरीवाल पहली बार में ही दिल्ली के मुख्यमंत्री बन गए। हालांकि यह सरकार 49 दिन ही चल पाई।
■ बाद में फिर से जब चुनाव हुए तो आम आदमी पार्टी को 70 में से 67 सीटें मिली। बंपर जीत के बाद केजरीवाल एक बार फिर से दिल्ली के मुख्यमंत्री बने।
■ दिल्ली में पहले ही चुनाव में पार्टी को मिली जीत से उत्साहित केजरीवाल ने 2014 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार और तब प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेन्द्र मोदी के साथ मुकाबला करने की घोषणा की, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा.
■ केजरीवाल 2011 में कांग्रेस नीत तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संपग्र) सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने के लगे आरोपों और जनता के व्यापक गुस्से के कारण एक कार्यकर्ता के रूप में प्रमुखता से उभरे.
■ उन्होंने अपनी करीब एक दशक की राजनीतिक यात्रा में कई तरह के कदम उठाए हैं, चाहे वह विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल होना हो जिसके नेताओं पर वह पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं या ‘नरम हिंदुत्व’ का दृष्टिकोण अपनाना, जिसका उदाहरण उनकी मुफ्त तीर्थयात्रा और हाल में दिल्ली विधानसभा में ‘जय श्री राम’ के नारे लगाना है.
■ एक बार उन्होंने देश की आर्थिक समृद्धि के लिए मुद्रा पर गणेश और लक्ष्मी की तस्वीर लगाने की मांग की थी.
■ आबकारी घोटाला मामले में केजरीवाल के जेल जाने से आप के भ्रष्टाचार मुक्त शासन और वैकल्पिक राजनीति के दावे को बड़ा झटका लगा है.

केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और सत्येन्द्र जैन का बचाव करते हुए भ्रष्टाचार को ‘देशद्रोह’ कहते थे और दावा करते थे कि आप भगत सिंह द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलती है. भ्रष्टाचार के एक मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी वास्तव में उनकी पहले वाली छवि से एक बड़ा बदलाव है, जिसमें आप नेता ने 2013 में तत्कालीन शीला दीक्षित सरकार पर ‘बढ़े हुए’ पानी और बिजली के बिल को वापस लेने के लिए दबाव बनाने के वास्ते 14 दिनों का अनशन किया था.

साभार- इण्डिया टीवी

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