गुस्ताखी माफ़ हरियाणा।
पवन कुमार बंसल।
मेरे पास मकान है तो -प्लाट का क्या करूंगा ?
जब एच सी अफसर एम पी बंसल ने भजन लाल को कहा।
चीफ मिनिस्टर रहते भजन लाल ने पत्रकारों , नेताओं,अदालत के जजों और जिसने माँगा सभी को कोटे के रिहायशी प्लाट दिए। जिन्होंने नहीं माँगा उन्हें बुला – बुला कर दिए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के चपड़ासी से लेकर हरियाणा सचिवालय में लिफ्ट चलने वाले को भी दिए। कई ने तो दो – दो भी लिए।
लेकिन यहाँ हम चर्चा कर रहे है ऐसे शक्श की जिसने भजन लाल द्वारा प्लाट देने की ऑफर को मना कर दिया।
एम पी बंसल जो अब आई ए एस बन कर कमिश्नर पद से रिटायर हो चुके है उन दिनों हिसार में रोडवेज के जनरल मैनेजर थे।
हिसार के सेक्टर १५ में भजन लाल का आलीशान आशियाना है। वही सामने ही बंसल साहिब का मकान निर्माणाधीन था। एक दिन भजन लाल ने उन्हें बुला कर कहा के भाई मकान बना रहे हो बताया भी नहीं। फिर कहा की प्लाट ले लो। बंसल ने कहा की एक अदद मकान की जरूरत होती है वो बन रहा है।
अब भजन लाल तो काफी दरियादिल थे। भाई ले लो। मेरे से तो कई अफसर दो -दो भी ले गए है। इस बारे भजन लाल के कई किस्से मशहूर है। प्लान-वलान तो चलती रहती है -बताएं प्लाट कहा लेना है।
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आल इंडिया रेडियो के रिपोर्टर भजन लाल का इंटरव्यू कर रहे थे। उन्होंने वर्षिक प्लान बारे पूछा। अब भजन लाल को प्लान -वलान की लम्बी चौड़ी जानकारी तो थी नहीं। वे तो व्यापारी थे। लेकिन चतुर नेता थे। एक तीर से दो शिकार करते हुए जवाब दिया ‘ प्लान – वलान तो चलती रहती है। मेरा डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन्स नोट दे देगा। आप बताओं प्लाट कहा लेना है।
लिफ्ट चलाने वाले को भी दिया।
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एक बार चंडीगढ़ स्थित सचिवालय से लिफ्ट से नीचे आ रहे थे। लिफ्ट चलाने वाले से पूछा की कहा रहते हो? उसने जवाब दिया निसिंग में। फिर भजन लाल ने कहा भाई करनाल में कोई मकान बनाया या नहीं। बच्चे बड़े होकर शहर में पढेंगे तो कहा रहेंगे। फिर अपने ओ एस डी शिव रमन गौड़ से कहकर उसकी न केवल एप्लीकेशन लिखवाई बल्कि शुरू में भरने वाली दस फीसद की राशि भी दी।
गुस्ताखी माफ़ को भी कई बार ऑफर की लेकिन अपन ने मना कर दिया। लेकिन एक पाप जरूर किया की रोहतक नियुक्ति के दौरान , उनको कहकर रहने के लिए सरकारी आवास अलॉट करवाया। लेकिन लिखने में समझौता नहीं किया। पेंतीस साल पहले जनसत्ता में चंडीगढ़ रहते , तत्कालीन चीफ मिनिस्टर देवीलाल से आग्रह कर पंचकूला में आवास अलॉट करवाया जो उनके लाल यानि ओमप्रकाश चौटाला ने ,मेहम कांड की कवरेज से खफा हो कैंसल कर दिया था।