समग्र समाचार सेवा
फतेहपुर, 16 अप्रैल। फतेहपुर जिले के हरिहरगंज चर्च में धर्मांतरण के मामले में शुक्रवार सुबह तक कार्रवाई चली। चर्च से रात करीब 80 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिसमें महिलाओं और बच्चों को देर रात छोड़ दिया गया। विहिप के सहमंत्री की तहरीर 35 नामजद और 20 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया। 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
80 लोगों को पुलिस कोतवाली ले गई
चर्च में धर्मांतरण कराए जाने के मामले में गुरुवार शाम विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ता पहुंचे थे। चर्च में मौजूद लोगों का धर्मपरिवर्तन कराने का आरोप लगाया था और गेट पर ताला लगा दिया था। हंगामे की सूचना पर एडीएम विनय कुमार पाठक, सीओ सिटी डीसी मिश्रा पहुंचे थे। चर्च के अंदर मौजूद करीब 80 लोगों को पुलिस कोतवाली ले गई। महिलाओं और बच्चों को छोड़ा गया। करीब रात 12 बजे विहिप के सहमंत्री हिमांशू दीक्षित की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई। हिमांशू का आरोप है कि हरिहरगंज स्थित चर्च इवेजलिकल चर्च ऑफ इंडिया करीब 90 भोले-भाले हिंदुओं का धर्मांतरण को कराया जा रहा था।
चर्च के पादरी विजय मसीह ने किया खुलासा
पुलिस प्रशासन के सामने चर्च के पादरी विजय मसीह ने स्वीकार किया कि हिंदुओं को छल-कपट व डरा धमका कर उनका धर्मपरिवर्तन कराते हैं। उनके दस्तावेजों में नाम परिवर्तित कराते हैं। धर्मपरिवर्तन की प्रक्रिया 34 दिनों से चल रही है। 40 दिन बाद पूरी हो जाती है। धर्मांतरण के लिए मिशन हास्पिटल के मरीजों और उनके तीमारदारों को बहका कर प्रयास करते हैं। हास्पिटल के कर्मचारियों की भी अहम भूमिका है। उधर,पादरी विजय मसीह ने बताया कि उनका त्योहार चल रहा है। प्रभु यीशू की प्रार्थना कर रहे थे। धर्मपरिवर्तन का आरोप गलत है। सीओ सिटी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर 26 लोगों के गिरफ्तार किया गया है।
पीछे के दरवाजे से हिंदुओं को भगाया
विहिप कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि धर्मपरिवर्तन के लिए लाए लोगों के हंगामा होने पर पीछे के दरवाजे से भगाया गया है। पकड़े गए काफी लोग अपनी आईडी नहीं दिखा सके है। यह लोग धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का वीडियो बनाए थे। पुलिस के सामने ही वीडियो डिलीट किए हैं।