क्रेन बेदी नहीं महामहिम की भूमिका में फिट होने की है जरुरत

पुडुचेरी में राज निवास के बाहर धरने पर बैठे मुख्यमंत्री 
पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी के खिलाफ राज्य के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों ने मोर्चा खोल दिया है। 39 प्रस्तावों को राज्यपाल द्वारा खारिज किए जाने से नाराज मुख्यमंत्री वी नारायणसामी अपने मंत्रियों के साथ बुधवार से राजनिवास के बाहर धरने पर बैठ गए। धरनास्थल पर पहुंचकर कांग्रेस और डीएमके के विधायकों ने भी धरने को अपना समर्थन दिया। नारायणसामी ने साफ कर दिया कि उनके प्रस्तावों पर राज्यपाल से सकारात्मक जवाब मिलने पर ही वे धरने से उठेंगे।
राज निवास के बाहर मुख्यमंत्री नारायणसामी और उनके मंत्रियों की मांग है कि मुफ्त चावल बांटने की योजना सहित 39 सरकारी प्रस्तावों को उपराज्यपाल मंजूरी दें। सीएम ने आरोप लगाया कि विभिन्न मामलों पर उनकी स्वीकृति के लिए भेजी गईं फाइलों को उपराज्यपाल ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हाल ही में उपराज्यपाल ने लोगों को जागरूक किए बिना ही हेलमेट पहनने को अनिवार्य कर दिया जो कि साफ दर्शाता है कि वह अपनी मनमानी करने के साथ ही जनता को प्रताड़ित कर रही हैं। इससे आमलोगों को   काफी परेशानी और असहजता का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं उपराज्यपाल किरण बेदी ने भी इस मामले में मुख्यमंत्री नारायणसामी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र को ट्वीट करते हुए लिखा, ‘वह धरने पर बैठने के स्थान पर मुझसे मिल सकते थे। वह एक पत्र लिखते हैं और उसके जवाब के लिए राज निवास का मार्ग अवरुद्ध कर देते हैं। इससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।’ राज्यपाल ने बताया है कि जनता के हित और सुरक्षा के लिए उठाए गए काम को देखने का तरीका बदलना होगा। केवल हेल्मेट पहनने से यदि हर साल हजारों  दोपहिया वाहनों के चालकों की जान बचाई जा सकती है। बहरहाल भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी होने वाली किरण बेदी और विवादों का पुराना नाता है। अपनी सख्ती के साथ कड़े तेवरों के लिए मशहूर किरण बेदी को दिल्ली में क्रेन बेदी कहा जाता था। कहा जाता है कि दिल्ली पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) के दौरान ग़लत जगह पर पार्क प्रधानमंत्री  श्री मती इंदिरा गांधी की सरकारी गाड़ी को क्रेन से उठवा लिया था। इसकी  काफी काफी चर्चा हुई थी और प्रधानमंत्री गांधी ने भी किरण बेदी की हिम्मत और कर्तव्य परायणता के लिए किरण बेदी की सराहना की थी। मगर राजनिवास में बैठी श्री मती किरण बेदी  अब संवैधानिक गरिमा की प्रतीक है। इस बदली हुई भूमिका में वे खुद को प्रेरक भूमिका में पेश करने की वचनबद्धता को दोहराएं ताकि उनकी शोहरत लगन मेहनतऔर समर्पण को नया आयाम दिया जा सकें।।।

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