शिक्षा: राष्ट्र की रीढ़ और कर्नाटक विवाद के व्यापक संकेत
पूनम शर्मा
शिक्षा किसी राष्ट्र की केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं होती, वह उसकी रीढ़ होती है — वह आधार जिस पर समाज का बौद्धिक, सांस्कृतिक और नैतिक ढांचा खड़ा रहता है। जब इस रीढ़ पर दबाव पड़ता है, तो असर केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहता,…
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