माँ की सूरत में मिले भगवान
पार्थसारथि थपलियाल
"माँ" एक ऐसा शब्द है, जो केवल नारी का ही सम्मान नही बढ़ाता है बल्कि भारतीय संस्कृति में इसी शब्द ने धरती का भी गौरव बढ़ाया है। वेद की ऋचा कहती है- "माता भूमि पुत्रोहम पृथिव्या"। जो ममता की मूरत और दया का सागर है, जो…
Read More...
Read More...