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मोहन भागवत

‘बिना जिम्मेदारी समाज नहीं चलता’ लिव-इन रिश्तों पर मोहन भागवत की टिप्पणी

लिव-इन रिलेशनशिप को जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति बताया कहा—शादी और परिवार समाज को स्थिरता देने वाली व्यवस्था हैं बच्चों की संख्या पर कोई तय फॉर्मूला नहीं, यह निजी और सामाजिक निर्णय घटती जन्म दर को दीर्घकालिक…
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संघ को बीजेपी के नजरिये से समझना बड़ी भूल-मोहन भागवत

संघ को किसी राजनीतिक दल से जोड़कर देखना गलत धारणा को जन्म देता है आरएसएस की प्रकृति सामाजिक और सांस्कृतिक है, राजनीतिक नहीं स्वयंसेवक अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत, लेकिन संगठन स्वायत्त भारत को एक सभ्यता और निरंतर…
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संविधान सभी को जोड़ने वाली भावना का प्रतीक-डॉ. मोहन भागवत

समग्र समाचार सेवा पट्टी कल्याण, समालखा | 06 दिसंबर:अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना द्वारा 05 से 07 दिसंबर 2025 तक माधव सेवा न्यास, पट्टी कल्याण, समालखा (पानीपत) में ‘भारतीय इतिहास, संस्कृति और संविधान’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया जा रहा…
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“दुनिया का समाधान: भारत का एकात्म मानव दर्शन”

पूनम शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है: आज की दुनिया जटिल संकटों से गुजर रही है, और समाधान केवल उसी दर्शन में है जो भारत की आत्मा की गहराई से जुड़ा है — भारत का एकात्म मानव…
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RSS की शाखा में सबको जगह, लेकिन पहचान छोड़नी होगी: मोहन भागवत

मोहन भागवत बोले, संघ में न ब्राह्मण, न मुसलमान, न ईसाई सब भारत माता के पुत्र हैं। कहा मुस्लिम और ईसाई भी शाखा में आते हैं, पर हम उनकी गिनती धर्म के आधार पर नहीं करते। पाकिस्तान पर कहा भारत शांति चाहता है, पर जब तक वह…
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संवेदनशीलता ही मनुष्य को अन्य प्राणियों से अलग करती है: भागवत

आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने बेंगलुरु में 'नेले' (Nele) नामक आश्रय गृह के रजत जयंती समारोह में यह बात कही। उन्होंने कहा कि दूसरों के प्रति दया, करुणा और संवेदनशीलता ही मानव को अन्य प्राणियों से अलग करती है और यही मानवता की असली…
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बेंगलुरु में शुरू हुई अखिल भारतीय महिला समन्वय बैठक

अखिल भारतीय महिला समन्वय बैठक और प्रशिक्षण सत्र 12 से 14 अक्टूबर 2025 तक बेंगलुरु के जनसेवा विद्या केंद्र, चन्नेनहल्ली में आयोजित किया जा रहा है। बैठक में 46 प्रांतों और 32 संगठनों के महिला प्रतिनिधियों और सहयोगियों सहित 375…
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संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बताया- नागपुर में ही क्यों बना RSS

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में शहर के महत्व पर प्रकाश डाला। भागवत ने कहा कि RSS जैसा संगठन केवल नागपुर में ही स्थापित हो सकता था, क्योंकि इस शहर में "राष्ट्रवाद की विशेष…
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सम्पूर्ण हिन्दू समाज की संगठित शक्ति ही भारत की गारंटी: डॉ. मोहन भागवत

गठन का मूल मंत्र: सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि सम्पूर्ण हिन्दू समाज का संगठित स्वरूप ही भारत की एकता, विकास और सुरक्षा की एकमात्र गारंटी है। कोविंद की श्रद्धांजलि: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने डॉ. हेडगेवार और डॉ. आम्बेडकर…
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आरएसएस का शताब्दी वर्ष: पूर्व राष्ट्रपति कोविंद और सरसंघचालक भागवत करेंगे शुभारंभ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का शताब्दी वर्ष 2 अक्टूबर, 2025 की विजयादशमी से शुरू होगा और 2026 की विजयादशमी तक चलेगा। शताब्दी वर्ष के शुभारंभ कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि होंगे और सरसंघचालक डॉ. मोहन…
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