महुआ मोइत्रा के बयान और भाषा की गिरती मर्यादा
पूनम शर्मा
भारतीय लोकतंत्र में “माननीय” शब्द केवल एक संवैधानिक संबोधन नहीं है, बल्कि यह जनता की अपेक्षाओं का भी प्रतिनिधित्व करता है। जब कोई व्यक्ति संसद सदस्य बनता है, तो उससे यह उम्मीद की जाती है कि वह शब्दों की गरिमा, तर्क की मर्यादा और…
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