Browsing Tag

नागरिक अधिकार

मौखिक सूचना या दावा अब अस्वीकार्य — लिखित प्रमाण ही गिरफ़्तारी की वैधता तय करेगा।

सुप्रीम कोर्ट का 6 नवंबर 2025 का फैसला, अब हर गिरफ़्तारी में लिखित कारण देना अनिवार्य। आरोपी और उसके रिश्तेदार या मित्र, दोनों को दी जानी चाहिए लिखित जानकारी। पुलिस स्टेशन के रिकॉर्ड और मजिस्ट्रेट की जांच अब होगी कानूनी…
Read More...

सूचनाओं के समंदर में सच्चाई की मशाल थामे रहना ज़रूरी है

पूनम शर्मा आज का भारत सूचना युग में जी रहा है । हर ओर खबरें हैं — सोशल मीडिया पर शोर , टीवी चैनलों पर चीखते पैनल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार चलती बहसें । इतनी सूचनाओं के बीच असली सच्चाई को पहचान पाना कठिन होता जा रहा है । ऐसे समय में…
Read More...

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल: खराब सड़कों पर टोल वसूली क्यों?

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि अगर सड़कें गड्ढों और जाम से भरी हैं, तो यात्रियों से टोल टैक्स वसूलना अनुचित है। यह टिप्पणी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा केरल उच्च न्यायालय के एक फैसले के खिलाफ दायर…
Read More...

महाराष्ट्र का नया सुरक्षा कानून: शहरी नक्सलियों पर लगाम ?

पूनम शर्मा महाराष्ट्र सरकार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में विशेष सार्वजनिक सुरक्षा विधेयक, 2024 पारित कर एक बड़ा और विवादास्पद कदम उठाया है। यह कानून सीधे तौर पर "शहरी नक्सलवाद" और "निष्क्रिय उग्रवाद" पर रोक लगाने की मंशा से…
Read More...