अदृश्य मोर्चा: ‘जमात-ए-मोमिनात’ और हाइब्रिड आतंकवाद का उभरता खतरा
पूनम शर्मा
जम्मू-कश्मीर में दशकों से अलगाववाद और आतंकवाद का चेहरा पत्थरबाजी और बंदूकों वाले पुरुषों तक सीमित था। बुरहान वानी जैसे चेहरों को युवाओं के सामने 'पोस्टर बॉय' बनाकर पेश किया जाता था। लेकिन, हाल के वर्षों में भारतीय खुफिया…
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