भाजपा राज में भी त्रिपुरा को भय, भूख, भ्रष्टाचार से मुक्ति क्यों नहीं ?
पूनम शर्मा
त्रिपुरा की राजनीति की कई कहानियाँ प्रेस कॉन्फ्रेंस से नहीं, चाय की दुकानों से शुरू होती हैं। अगरतला की एक ऐसी ही दुकान पर एक मध्यम आयु के भाजपा कार्यकर्ता ने धीमी आवाज़ में सवाल किया—
“ईमानदारी से बताइए, क्या भ्रष्टाचार अब…
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