सहानुभूति नहीं, राजनीतिक शक्ति चाहिए: दिव्यांग सशक्तिकरण पर डॉ. उत्तम ओझा का बेबाक संदेश
एक बेबाक, स्पष्ट और राजनीतिक रूप से धारदार बातचीत में डॉ. उत्तम ओझा ने पूरे आत्मविश्वास के साथ यह बात रखी कि भारत का “दिव्यांग समाज” अब केवल कल्याण की सीमाओं में बंधा नहीं रह सकता—उसे सत्ता के केंद्र में अपनी जगह बनानी ही होगी। एक सफल…
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