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जे.नंदकुमार जी

मंथन- पंचनद : विमर्श का सांगोपांग मंथन (11)

पार्थसारथि थपलियाल 15 जून को जब सुबह सुबह की परिवह पवनें चलने लगी थी। (परिवह, आठ प्रकार की पवनों में से एक)। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय अतिथि गृह के पीछे मखमली दूब में स्वास्थ्य के प्रति सावधान प्रतिभागी अपने अपने आसान…
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