‘स्वदेशी शक्ति ही आर्थिक स्वराज्य और स्थिरता का मार्ग’
पूनम शर्मा
भारत की आत्मा केवल उसकी सीमाओं में नहीं, बल्कि उसकी उत्पादन क्षमता, श्रम संस्कृति और आत्मसम्मान में बसती है। यही कारण है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “आत्मनिर्भर भारत” का आह्वान करते हैं, तो वह महज एक सरकारी नारा नहीं होता,…
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