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आखिर

मुश्किल घड़ी थी, ईश्वर और उसके बंदों ने आखिर पार लगा दिया

रेखा पंकज। प्रयोगात्मक अनुभव से बड़ा कोई ज्ञान नहीं, ये सौ आना टका सही बात है। इसका कड़वा अनुभव मुझे भी हो गया। 16 अप्रैल को जब में दिल्ली से लखनऊ के लिए दिल्ली एयरपोर्ट टी 2 पहुंची, तब तक सब ठीक था। रेल यात्रा करना चाहती थी पर बेटी को…
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