“क्या हिंदुओं की घटती संख्या उनका अंत तय कर रही है?”

शांत घर! कोई बच्चे नहीं, कोई परिवार के सदस्य नहीं, सिवाय एक बूढ़े, शारीरिक और भावनात्मक रूप से कमजोर दंपति के, जो एक विशाल घर में रहते हैं, जिसमें सभी आधुनिक सुविधाएँ हैं। घर के छोटे से मंदिर में दीया जलाने वाला कोई नहीं! गैरेज में खड़ी…

भारत का संविधान और आपातकाल के दौरान इसकी हत्या का काला इतिहास

2 अगस्त, 1935 को भारत सरकार अधिनियम 1935 पारित हुआ, जिसने ब्रिटिश भारत की शासन व्यवस्था के लिए संघीय और प्रांतीय स्तर पर संवैधानिक ढांचा तैयार किया। उस समय लॉर्ड विलिंगटन भारत के गवर्नर-जनरल थे। 1946 में कैबिनेट मिशन ने भारत का संविधान…

भारत की नींव : युवाओं के संस्कार और चरित्र निर्माण

स्वामी विवेकानंद जी ने एक बार कहा था - "सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं का आधार मानव की नैतिक उत्कृष्टता पर टिका है। मानव-चरित्र धन विश्व के समस्त धन-वैभव से कहीं अधिक मूल्यवान है।" पूजनीय मोहन भागवत जी कहते हैं - " दूषित व्यवस्था एक सज्जन…

आकर्षक, घायल, और तरसते मणिपुर ….’रत्नों की भूमि’ की यात्रा एक अनुभव I

मई  2025 का अंतिम सप्ताह। मैं मणिपुर (जिसका अर्थ है रत्नों की भूमि) की राजधानी इंफाल जा रही थी। यह इंफाल की  मेरी दूसरी यात्रा थी - पहली दिसंबर 2024 में थी । मई 2023 में मेइतेई -कुकी संघर्ष शुरू होने के बाद, हमने मणिपुर में बहुत अशांति और…