ज्योतिष ज्ञानामृत- 84,अशुभ फलदाई स्वप्न

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21नवंबर। स्वप्न ज्योतिष के अनुसार नींद में दिखाई देने वाले हर सपने महत्वपूर्ण संकेत को दर्शाते है, प्रत्येक स्वप्न का विशेष फल होता है। स्वप्न हमें भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत देते हैं। स्वप्न और ज्योतिष एक दुसरे के सहयोगी हैं क्यूंकि ज्योतिषी हमारे स्वप्न का आंकलन कर हमारे भविष्य का स्पष्ट आंकलन कर सकते हैं। हमारी ग्रह स्थितियां ही हमें स्वप्न द्वारा सटीक भविष्य बताती हैं इसलिए हम स्वप्न को काबू नहीं कर सकते। परन्तु अगर स्वप्न में भविष्य के लिए कुछ नकारत्मक दीखता है तो किसी विशेषज्ञ के माध्यम से उसके फल को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। आध्यात्मिकता के पथ पर चलने वाले व्यक्तियों को भविष्य में घटित होने वाली कई घटनायें पहले से ही दिख जाती हैं।

स्वप्न का फल कितने समय में मिलेगा यह निर्धारित करता है कि स्वप्न रात्रि के किस पहर में देखा गया है। रात्रि में प्रथम पहर के स्वप्न का फल १ वर्ष में मिल जाता है। दुसरे पहर का फल ६ माह, तीसरे पहर का फल ३ माह में और चौथे पहर में देखे गए स्वप्न का फल १ माार में ही प्राप्त हो जाता है। सूर्य अस्त के समय में देखे गए स्वप्न का फल १० दिन के भीतर ही प्राप्त हो जाता है।

84,अशुभ फलदाई स्वप्न

1,खाली दुकान देखना——धन हानि।
2,तालाब में नहाना—–शत्रु से हानि।
3,तरबूज खाते हुए देखना——किसी से दुश्मनी होगी।
4,स्वयं को हंसते हुए देखना—–किसी से विवाद होना।
5,तिल खाना——दोष लगना।
6,लोहा देखना——-दुर्घटना से सामना होगा।
7,छिपकली देखना——-अशुभ,दुर्घटना,हानि।
8,लोमड़ी देखना——दोस्त से धोखा मिलना।
9,बिच्छू काटे तो——-हानि, नुक्सान।
10,राजनेता की मृत्यु देखना——देश में समस्या होना।
11,पहाड़ हिलते हुए देखना——किसी बीमारी का प्रकोप होना।
12,थूक देखना —–परेशानी में पडऩा।
13,छोटा जूता पहनना——किसी स्त्री से झगड़ा।
14,चंद्रग्रहण देखना——-रोग होना।
15,चंद्रमा को टूटते हुए देखना—— कोई समस्या आना।
16,भोजन की थाली देखना——धनहानि के योग
17,कौआ दिखाई देना—–बुरी सूचना मिलना
19,छिपकली दिखाई देना—-घर में चोरी होना
20,पिंजरा देखना——कैद होने के योग।
21,दन्त देखना——किसी परिजन की मृत्यु।
23,भूकंप देखना—–परेशानी एवं विपत्ति।
24,अतिथि देखना——-घर में परेशानी का आगमन।
25,विधवा देखना——हानि
26,कैंची देखना——-कलेश होने वाला है।
27,आंखों में काजल लगाना——-शारीरिक कष्ट होना।
28,स्वयं के कटे हाथ देखना—–किसी निकट परिजन की मृत्यु।
29,सूखा हुआ बगीचा देखना——कष्टों की प्राप्ति।
30,तेल पीना—–किसी भयंकर रोग की आशंका।
31,सूखा अन्न खाना—–परेशानी बढऩा।
32,बिजली गिरना——संकट में फंसना।
33,चादर देखना——बदनामी के योग।
34,रत्न देखना——व्यय एवं दु:ख।
35,अस्त्र-शस्त्रदेखना——मुकद्में में हार।
36,चाबुक दिखाई देना—–झगड़ा होना।
37,बाढ़ देखना——-व्यापार में हानि।
38,जाल देखना——मुकदमे में हानि।
38,जेब काटना——व्यापार में घाटा।
39,फूलमाला दिखाई देना——-निंदा होना।
40,पतला बैल देखना—–अनाज महंगा होगा।
41,भेडिय़ा देखना—–दुश्मन से भय।
42,चींटी देखना—–किसी समस्या में पढऩा।
43,चक्की देखना—–शत्रुओं से हानि।
44,दांत टूटते हुए—-समस्याओं में वृद्धि
45,बंद दरवाजा देखना——-धन की हानि होना।
46,जुगनू देखना——बुरे समय की शुरुआत।
47,टिड्डी दल देखना——व्यापार में हानि।
48,डॉक्टर को देखना——स्वास्थ्य संबंधी समस्या।
49,ढोल दिखाई देना—–किसी दुर्घटना की आशंका।
50,पत्थर देखना——–संकट एवं विपत्ति।
51,तर्पण करते हुए देखना——परिवार में किसी बुुजुर्ग की मृत्यु।
52,उत्सव मनाते हुए देखना—–शोक होना।
53,ताश देखना——समस्या में वृद्धि।
54,कोर्ट-कचहरी देखना—–विवाद में पडऩा।
55,अग्नि देखना——व्यापर में नुकसान।
56,नाच-गाना देखना——अशुभ समाचार मिलने के योग।
57,हथकड़ी दिखाई देना——भविष्य में भारी संकट।
58,कबूतर दिखाई देना——-रोग से छुटकारा।
59,अजगर दिखाई देना——-व्यापार में हानि।
60,सफेद बिल्ली देखना——धन की हानि।
61,आकाश से गिरना—–संकट में फंसना।
62,ऊँट की सवारी—–रोगग्रस्त होना।
63,धुँआ देखना——शत्रु एवं रोग वृद्धि,व्यापर में हानि।
64,घोड़े से गिरना—–व्यापार में हानि होना।
65,ऊँचाई से गिरना——परेशानी आना।
66,बारिश होते देखना——-घर में अनाज की कमी,चिन्ता।
67,बांसुरी बजाना——-परेशान होना।
68,स्वयं को बीमार देखना—–जीवन में कष्ट।
69,बाल बिखरे हुए देखना——-धन की हानि।
70,सुअर देखना——-शत्रुता और स्वास्थ्य संबंधी समस्या।
71,भैंस देखना——किसी मुसीबत में फंसना।
72,भूत देखन——–नुकसान का समय।
73,ऊंचाई से गिरना ——अपमान।
74,कुत्ते का काटना——शत्रु वृध्दि।
75,चीखें मारना——-संकट।
76,बारात देखना——रोग।
77,मंगनी होते हुए—–दुःख आने वाला है,
78,झाडू देखना——खर्च।
79,विदाई देखना—–आर्थिक लाभ।
80,सोना पाना——परेशानी।
81,पानी में डूबना—–कष्ट पाना।
82,शादी देखना——बड़ा संकट आने वाला,
83,उत्सव देखना—–किसी शोक सभा में जाना होगा।
84,डोली देखना——-परेशानी में पड़ना।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.