समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25अक्टूबर। आज यानि 25 अक्टूबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लग रहा है. इसलिए दिवाली के अगले दिन यानि आज होने वाली गोवर्धन पूजा की डेट में बदलाव हो गया है. क्योंकि ग्रहणकाल में पूजा-पाठ से जुड़ा कोई कार्य नहीं किया जाता. दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा और फिर भाई दूज का त्योहार आता है. इस बार भाई दूज की डेट को लेकर भी लोगों के बीच काफी कंफ्यूजन बनी हुई है. क्योंकि गोवर्धन के बाद भाई दूज मनाया जाता है लेकिन सूर्य ग्रहण की वजह से गोवर्धन पूजा की डेट बदल गई है. ऐसे में लोग इस बात को काफी असमंजस में हैं कि भाई दूज का त्योहार 26 अक्टूबर को मनाया जाएगा या 27 अक्टूबर को.
हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार द्वितीया तिथि 26 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर शुरू होगी और 27 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगी. भाई दूज का त्योहार दोपहर को मनाया जाता है और ऐसे में 26 अक्टूबर को भाई दूज मनाया जा सकता है. हालांकि, जो लोग उदयातिथि के अनुसार त्योहार मनाना चाहते हैं वह 27 अक्टूबर को भी भाई दूज का पर्व मना सकते हैं. ऐसे में इस बार भाई दूज 26 और 27 अक्टूबर दोनों दिन मनाया जाएगा.
भाई दूज 2022 शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार अगर आप 26 अक्टूबर को भाई दूज का त्योहार मना रहे हैं तो शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 18 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 33 मिनट तक रहेगा. जबकि 27 अक्टूबर को शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 7 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 42 मिनट तक ही है.
दोपहर में की जाती है भाई दूज की पूजा
धर्म शास्त्रों के अनुसार भाई दूज यानि यम द्वितीया का त्योहार दोपहर में मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर दोपहर के समय आए थे और इसलिए दोपहर में भाई दूज की पूजा शुभ मानी गई है. कहते हैं कि भाई दूज का त्योहार मनाने वाले भाई को कभी अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता. इस दिन बहनें भाई की लंबी उम्र की कामना से यमराज, यमदूत और चित्रगुप्त की पूजा करती हैं.