यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने जारी की चेतावनी, इन फर्जी विश्वविद्यालयों में एडमिशन ना लें छात्र

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 12सितंबर। सीयूईटी यूजी प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट को 15 सितंबर तक जारी होने की संभावना है. इस बाबत बीते दिनों यूजीसी के चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने कहा था कि 15 सितंबर तक सीयूईटी यूजी प्रवेश परीक्षा 2022 के रिजल्ट को जारी किया जा सकता है. रिजल्ट जारी होने के बाद देशभर के अलग अलग विश्वविद्यालयों में छात्र एडमिशन के लिए जाएंगे. ऐसे में कॉलेजों में प्रवेश से पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने छात्रों को फर्जी विश्वविद्यालयों से बचने को लेकर चेतावनी जारी की है. चेयरमैन ने कहा कि देश में ऐसे संस्थान हैं जो यूजीसी अधिनियम के अनुसार स्थापित नहीं है, लेकिन देश में चल रहे नियमों का उल्लंघन कर डिग्री प्रदान करते हैं. इनसे सावधान रहने की जरूरत है.

फर्जी विश्वविद्यालयों से सावधान
बता दें कि अगस्त महीने में यूजीसी ने देश में संचालित हो रहे 21 फर्जी विश्वविद्यालयों की लिस्ट जारी की जो कि यूजीसी के नियमों के खिलाफ देश में संचालित की जा रही है. इन विश्वविद्यालयों को डिग्री देने का कोई अधिकार नहीं है. इनमें से अधिकांश विश्वविद्यालय दिल्ली और उत्तर प्रधेश में हैं. हालांकि फर्जी संस्थान यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं होने के बावजूद भी देश में काम कर रहे हैं.

यूजीसी द्वारा इन फर्जी विश्वविद्यालयों को संचालित किए जाने को लेकर इन्हें चिन्हित किए जाने के बाद भी ये विश्वविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं. इसपर एम जगदीश कुमार ने कहा कि संबंधित राज्य सरकारों को इन फर्जी विश्वविद्यालयों पर बार बार कार्रवाई करने को लेकर लिखने के बावजूद भी कुछ नाम मौजूद हैं. यह लिस्ट काफी गतिशील है. यूजीसी की चेतावनी के बाद हर साल इस लिस्ट में से कुछ विश्वविद्यालयों के नाम हटा दिए जाते हैं. लेकिन कुछ नाम हमेशा मौजूद रहते हैं और जबतक हमें पता चलता है तबतक कुछ अन्य फर्जी विश्वविद्यालयों के नाम इस लिस्ट में जोड़ दिए जाते हैं.

एम जगदीस कुमार ने कहा कि हम बार बार संबंधित राज्य सरकारों को उपयुक्त कार्रवाई करने को लेकर पत्र लिखते रहते हैं. साथ ही हम छात्रों को इन फर्जी यूनिवर्सिटियों में एडमिशन लेने के खिलाफ चेतावनी भी देते रहते हैं. कुमार ने कहा कि छात्रों को ध्यान देना चाहिए कि विश्वविद्यालय शब्द का इस्तेमाल केवल वे संस्थाएं ही कर सकती हैं जो किसी केंद्रीय अधिनियम, प्रांतीय अधिनियम या एक राज्य के अधिनियम द्वारा स्थापित की गई हैं. इस फर्जी विश्वविद्यालयों की लिस्ट में जितने भी फर्जी संस्थान हैं वे सभी यूजीसी के नियमों के खिलाफ संचालित किए जा रहे हैं और उन्हें डिग्री प्रदान करने का अधिकार नहीं है.

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