समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26मई। कोरोना महामारी के दौरान बच्चों को घर पर रहकर मोबाइल देखने की लत लग गई है। हर घर में हर बच्चा आजकल मोबाइल देखते हुए मिल ही जाता है।
मोबाइल, इंटरनेट और गूगल देश की समस्या भी है और कई समस्याओं का समाधान भी…लेकिन आप इसको क्या बनाते है यह आपके उपर निर्भर करता है। गुगल एक जगह बैठकर ही आपको सारी दुनिया दिखा देता है लेकिन परेशानी वाली बात यह है कि बच्चों पर इसका गलत असर पड़ने लगा है क्योंकि अगर गूगल पर एक क्लिक पर पढ़ाई से जुड़ी सामग्री मिल तो जाती है लेकिन वहीं एक ही क्लिक पर एडल्ट फिल्में यानी पोर्न मूवीज का एक्सेस भी आसानी से मिल जाता है।
कहने के लिए हर पोर्न साइट पर एंटर होने से पहले इंसान की उम्र पूछी जाती है तो 18 साल से ऊपर होना जरूरी है लेकिन ये सब दिखावा है और सिर्फ एक ओके से बच्चा बी साइट तक पहुंच सकता है। ऐसे में अगर बच्चे को पोर्न की लत लग जाए तो स्थिति और खतरनाक हो जाती है। जो उसके भविष्य को खराब करने के लिए काफी है। इसलिए पेरेंट्स को खासतौर पर इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि क्या आपका बच्चा ज्यादा अकेला होकर मोबाइल तो नहीं चला रहा और अगर चला रहा है तो क्या उसमें देख रहा है।
ऐसे करें पहचान
अगर आपका बच्चा मोबाइल या लैपटॉप पर हमेशा चिपका रहता है तो पहले जानें वो क्या करता है। आपका बच्चा गेम में लगे हो सकते है लेकिन गेम खेलने वाले बच्चे एकदम से किसी के आ जाने से असहज नहीं हो जाते और स्क्रीन को इधर या उधर नहीं छुपाते।
अगर इस तरह कुछ आपका बच्चा करता है तो हो सकता है वह उस पोर्न या कुछ गलत देख-पढ़ रहा हो। यहां आपको खुद पहचान करनी होगी, इसके लिए आपको अपने बच्चे की डेली आदतों और व्यव्हार को समझना होगा जो आपसे बेहतर कोई और नहीं जानता है। अगर मोबाइल या लैपटॉप चलाने के बाद उसके व्यव्हार में थोड़ा फर्क आ रहा है तो ध्यान दीजिए, वरना देरी बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है।