समग्र समाचार सेवा
शाहजहांपुर, 20 फरवरी। शाहजहांपुर जिले में दस्यु उन्मूलन के दौरान राम गंगा व गंगा की कटरी में दो लोगों को कथित रूप से पुलिस मुठभेड़ में मार गिराने के आरोप में 18 वर्ष बाद अदालत के आदेश पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी), अपर पुलिस अधीक्षक समेत 18 पुलिसकर्मियों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने शनिवार को यह जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश पर थाना जलालाबाद में 18 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा इस मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई है।
तीन अक्टूबर 2004 को क्या हुआ था?
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता एजाज हसन खां ने बताया कि तीन अक्टूबर 2004 को थाना जलालाबाद के चचुआपुर गांव के ग्रामीण अपने पशुओं को लेकर कटरी में गए थे तथा वहीं पर प्रह्लाद अपने खेत की जुताई कर रहा था और इसी बीच लगभग 18 पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और खेत जोत रहे प्रह्लाद तथा धनपाल को पकड़ लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने दोनों के गले में कारतूस की पेटी बांधी तथा एक-एक बंदूक दोनों के कंधे पर लटकाकर एवं हाथ बांधकर कटरी के पतेल में ले जाकर उन्हें गोलियों से भून दिया और बाद में उनके शव को पुलिसकर्मी अपनी जीप में डालकर ले गए।
मृतक का भाई न्याय की गुहार लगाता रहा
अधिवक्ता ने बताया कि मृतक प्रह्लाद का भाई राम कीर्ति घटना के बाद से विभिन्न आयोगों समेत अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाता रहा, परंतु उसकी जब सुनवाई नहीं हुई तो 24 नवंबर 2012 को उसने न्यायालय से पुलिसकर्मियों पर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगाई, हालांकि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) द्वारा यह कहते हुए अर्जी खारिज कर दी गई कि मामले में काफी समय बीत गया है और पूरे मामले में अंतिम रिपोर्ट भी लगाई जा चुकी है।