समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी/नई दिल्ली 22 फ़रवरी : । असम की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी राज्य की दो रिक्त राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को होने वाले चुनाव में पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। साथ ही तीसरी खाली सीट को लेकर भी पार्टी स्तर पर रणनीति बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी संगठन पूरी तरह तैयार है और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व यानी आलाकमान करेगा। सरमा ने भरोसा जताया कि भाजपा राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति को देखते हुए इन सीटों पर मजबूत दावा पेश करेगी।
असम विधानसभा में मौजूदा संख्याबल को देखते हुए भाजपा और उसके सहयोगी दलों की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि वह कम से कम दो सीटों पर सहज जीत दर्ज कर सकती है। तीसरी सीट के लिए भी राजनीतिक समीकरणों और संभावित समर्थन को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्यसभा केवल एक संसदीय सदन नहीं, बल्कि राज्यों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का मंच है। इसलिए पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को आगे बढ़ाएगी जो असम के विकास, बुनियादी ढांचे, सीमावर्ती सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान जैसे मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी राज्यसभा चुनाव असम की सियासत में शक्ति संतुलन को और मजबूत कर सकते हैं। भाजपा जहां अपने संगठनात्मक आधार और गठबंधन सहयोगियों के समर्थन पर भरोसा जता रही है, वहीं विपक्षी दल भी संभावित रणनीति पर मंथन कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्यसभा की इन सीटों पर चुनाव 16 मार्च को प्रस्तावित हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत नामांकन, जांच और नाम वापसी की समयसीमा तय की जाएगी। राजनीतिक दलों के बीच उम्मीदवारों के नाम को लेकर जल्द ही तस्वीर साफ होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी संगठन चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और सभी विधायकों से समन्वय बनाए रखा जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा असम के हितों की मजबूत आवाज को राज्यसभा में भेजने में सफल होगी।
राज्यसभा चुनाव को लेकर अब राज्य की राजनीति में गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा किन चेहरों को उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारती है और तीसरी सीट पर उसका अंतिम रुख क्या रहता है।