तारिक रहमान की ताजपोशी, मोहम्मद यूनुस ‘सेवन सिस्टर्स’ वाला विदाई संदेश

बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन:

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पूनम शर्मा
बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। 2024 के हिंसक विद्रोह और शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने एकतरफा जीत हासिल की है। अब देश की कमान पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के हाथों में होगी। वे पिछले 35 वर्षों में बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।

इस सत्ता परिवर्तन के बीच, अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अपने 18 महीने के कार्यकाल के बाद विदाई भाषण दिया, जिसमें उन्होंने न केवल अपनी उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि दक्षिण एशिया के लिए एक नया आर्थिक विजन भी पेश किया।

1. ‘तानाशाही से मुक्ति’ और गरिमा की वापसी: यूनुस का विदाई संबोधन

8 अगस्त 2024 को कार्यभार संभालने वाले मोहम्मद यूनुस ने अपने भाषण में शेख हसीना के युग को ‘दानव का शासन’ करार दिया। उन्होंने उस दिन को याद किया जब हसीना को देश छोड़ना पड़ा था, जिसे उन्होंने “महान मुक्ति का दिन” कहा। यूनुस के अनुसार, उनके कार्यकाल में बांग्लादेश की विदेश नीति के तीन मुख्य स्तंभ रहे: संप्रभुता, राष्ट्रीय हित और गरिमा।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब बांग्लादेश किसी दूसरे देश के निर्देशों पर चलने वाला “दब्बू” राष्ट्र नहीं रहा। हालांकि, उनके कार्यकाल में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर काफी आलोचनाएं भी हुईं, जिस पर उन्होंने लोकतंत्र और मौलिक अधिकारों को जारी रखने की अपील की। उन्होंने गर्व के साथ सत्ता हस्तांतरित करने की बात करते हुए कहा कि युवाओं ने देश को एक नई दिशा दी है।

2. ‘सेवन सिस्टर्स’ और आर्थिक विजन: भारत के साथ रिश्तों का नया मोड़

यूनुस के भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा वह था जिसमें उन्होंने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, जिन्हें ‘सेवन सिस्टर्स’ कहा जाता है, का जिक्र किया। उन्होंने नेपाल, भूटान और इन भारतीय राज्यों को मिलाकर एक उप-क्षेत्रीय आर्थिक ब्लॉक बनाने का सुझाव दिया। दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने भारत का नाम सीधे तौर पर लिए बिना इन राज्यों का उल्लेख किया।

उनका विजन कनेक्टिविटी, व्यापार समझौतों, आर्थिक क्षेत्रों और बांग्लादेश के बंदरगाहों के जरिए समुद्री पहुंच पर आधारित है। यूनुस का मानना है कि बांग्लादेश का समुद्री तट केवल एक भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था से जुड़ने का एक खुला दरवाजा है। यह संकेत देता है कि आने वाले समय में बांग्लादेश अपनी रणनीतिक स्थिति का उपयोग करके क्षेत्रीय व्यापार में ‘बिग ब्रदर’ की भूमिका निभाना चाहता है।

3. चुनाव परिणाम और ‘जुलाई नेशनल चार्टर 2025’ का जनादेश

हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में अवामी लीग को प्रतिबंधित कर दिया गया था, जिसे शेख हसीना ने “ढोंग” बताया। हालांकि, जनता ने बड़े पैमाने पर मतदान किया और BNP को भारी बहुमत दिया। तारिक रहमान ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार की नीति ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ होगी, लेकिन वे भारत, चीन और अन्य दक्षिण एशियाई देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखेंगे।

चुनावों के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण जनमत संग्रह (Referendum) भी हुआ, जिसे ‘जुलाई नेशनल चार्टर 2025’ कहा गया। इसमें 68.59 प्रतिशत लोगों ने “हां” में वोट दिया। इस चार्टर में 84 सुधार बिंदु शामिल हैं, जिनमें से 47 के लिए संविधान में संशोधन की आवश्यकता होगी। यह जनादेश दर्शाता है कि बांग्लादेशी जनता पुराने सिस्टम को पूरी तरह बदलकर एक नए लोकतांत्रिक ढांचे की नींव रखना चाहती है।

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