पीएम सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर, 10.94 लाख से अधिक आवेदन

हरित ऊर्जा की दिशा में यूपी अग्रणी, सूर्य घर योजना में जनता की मजबूत भागीदारी

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  • देशभर के कुल आवेदनों में यूपी की हिस्सेदारी सबसे अधिक
  • अब तक 3.57 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित
  • उपभोक्ताओं को हजारों करोड़ की सीधी सब्सिडी का लाभ
  • बिजली बिल में 60–90% तक की कटौती

समग्र समाचार सेवा
लखनऊ। 1 फ़रवरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार नए मानक स्थापित कर रहा है। केंद्र सरकार की प्रमुख पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर पहुँच गया है। राष्ट्रीय पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार देशभर से अब तक 58.36 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अकेले उत्तर प्रदेश से 10.94 लाख से ज्यादा आवेदन दर्ज किए गए हैं।

योगी सरकार की नीतियों से सौर ऊर्जा को मिला विस्तार

राज्य सरकार की सक्रिय ऊर्जा नीति, यूपीनेडा और बिजली वितरण कंपनियों के समन्वय से प्रदेश में अब तक 3,57,879 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इससे उत्तर प्रदेश की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता बढ़कर 1,227.05 मेगावाट तक पहुँच गई है।

हजारों करोड़ की सब्सिडी से उपभोक्ताओं को राहत

योजना के तहत अब तक उपभोक्ताओं को ₹2,440.62 करोड़ की केंद्रीय सब्सिडी और लगभग ₹600 करोड़ की राज्य सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है। इससे आम लोगों के लिए सोलर सिस्टम लगाना पहले से कहीं अधिक सस्ता और सुलभ हो गया है।

बिजली बिल में बड़ी कटौती, दीर्घकालिक लाभ

पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 60 से 90 प्रतिशत तक की कमी आई है। औसतन ₹1,500 से ₹3,000 प्रति माह की बचत के साथ 25 वर्षों तक कम लागत पर स्वच्छ बिजली की सुविधा मिल रही है। नेट मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में समायोजित करने का विकल्प भी उपलब्ध है।

रोजाना 50 लाख यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली उत्पादन

प्रदेश में प्रतिदिन 50 लाख यूनिट से अधिक सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इससे बिजली वितरण कंपनियों पर पीक डिमांड का दबाव घटा है और ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनी है।

कार्बन उत्सर्जन में सालाना 15 लाख टन तक की कमी

योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश में हर वर्ष लगभग 13 से 15 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी दर्ज की जा रही है। कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता घटने से वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसों में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे भारत के नेट-ज़ीरो 2070 लक्ष्य को मजबूती मिल रही है।

डिजिटल ऊर्जा ढांचे से जोड़ी जाएगी योजना

योगी सरकार भविष्य में पीएम सूर्य घर योजना को यूनिफाइड एनर्जी इंटरफेस आधारित डिजिटल ऊर्जा प्रणाली से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत सौर उत्पादन, स्मार्ट मीटरिंग, नेट मीटरिंग, कार्बन डेटा और भुगतान प्रणालियों को एकीकृत किया जाएगा।

एमएसएमई और निर्यातकों को मिलेगा वैश्विक लाभ

इस पहल से ईवी चार्जिंग, ग्रीन फाइनेंसिंग, कार्बन क्रेडिट ट्रैकिंग और ऊर्जा आधारित वित्तीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ईयू-इंडिया एफटीए और कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म के संदर्भ में उत्तर प्रदेश के एमएसएमई और निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता भी मजबूत होगी।

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