यूजीसी नियमों पर वीएचपी नेता प्रवीण तोगड़िया की सरकार को सलाह

कानून बनाते समय जाति या धर्म के आधार पर विभाजन न हो—तोगड़िया

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  • यूजीसी के नए नियमों को लेकर प्रवीण तोगड़िया ने जताई आपत्ति
  • कानून बनाते समय सामाजिक संतुलन बनाए रखने पर जोर
  • शैक्षिक संस्थानों में किसी वर्ग के साथ भेदभाव न हो—तोगड़िया
  • जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की भी रखी मांग

समग्र समाचार सेवा
बस्ती, उत्तर प्रदेश | 27 जनवरी: यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों को लेकर देश में जारी बहस के बीच विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता प्रवीण तोगड़िया ने केंद्र सरकार को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून को लागू करते समय यह ध्यान रखना आवश्यक है कि उससे समाज में असंतोष या विभाजन की स्थिति पैदा न हो।

यूजीसी नियमों को बताया संवेदनशील मुद्दा

सोमवार को बस्ती में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि यूजीसी से जुड़े नए नियम केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका असर पूरे समाज पर पड़ता है। ऐसे में सरकार को हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए।

शिक्षा संस्थानों में समान व्यवहार की अपील

उन्होंने कहा कि शैक्षिक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के साथ जाति या वर्ग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। यदि कहीं गलत होता है तो दोषियों को संरक्षण देने के बजाय सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

‘पहले की गलतियों से सबक लेने की जरूरत’

तोगड़िया ने कहा कि देश ने पहले भी सामाजिक विभाजन के दुष्परिणाम देखे हैं। इसलिए अब यह जरूरी है कि किसी भी कानून के जरिए समाज को बांटने की स्थिति न बने और सभी वर्गों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए।

केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व को संदेश

उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे कई लोग उनके पुराने साथी हैं और उन्हें विश्वास है कि उनकी बात नेतृत्व तक पहुंचेगी। तोगड़िया ने उम्मीद जताई कि सरकार जनभावनाओं को समझते हुए संतुलित निर्णय लेगी।

जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भी दिया जोर

प्रवीण तोगड़िया ने जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे देश की सामाजिक संरचना को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी सांस्कृतिक परंपराओं से है और इसे बनाए रखना जरूरी है।

जनजागृति अभियान का उल्लेख

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके संगठन का उद्देश्य हिंदू समाज को शिक्षा, चिकित्सा और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है, जिसके लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।

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