हिंदुत्व राजनीतिक विचारधारा, हिंदू धर्म सबके लिए खुला मंच है: महुआ मोइत्रा
द डिबेट 2026 में हिंदू धर्म और हिंदुत्व पर तीखी वैचारिक टकराहट
-
कोलकाता प्रेस क्लब में ‘द डिबेट 2026’ के दौरान हिंदुत्व और हिंदू धर्म पर खुली बहस
-
महुआ मोइत्रा ने हिंदुत्व को राजनीतिक विचारधारा बताया
-
मणिशंकर अय्यर ने हिंदू धर्म को प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा कहा
समग्र समाचार सेवा
कोलकाता। 15 जनवरी: महुआ मोइत्रा हिंदुत्व बयान को लेकर रविवार को कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित ‘द डिबेट 2026’ चर्चा का केंद्र रहा। इस कार्यक्रम में महुआ मोइत्रा, मणिशंकर अय्यर और सुधांशु त्रिवेदी ने हिंदुत्व और हिंदू धर्म पर अपने-अपने विचार रखे।
महुआ मोइत्रा ने क्या कहा
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है, जिसका नजरिया एक ही रास्ते को सही मानने का है, जबकि हिंदू धर्म एक धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा है, जिसमें अनेक रास्तों के लिए जगह है।
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में विविध आस्थाएँ और परंपराएँ संभव हैं, लेकिन हिंदुत्व ऐसी विविधताओं को स्वीकार नहीं करता।
परंपराओं का उदाहरण
महुआ मोइत्रा ने कहा कि एक बंगाली हिंदू मांसाहार करता है और मां काली को मांस अर्पित कर सकता है, लेकिन हिंदुत्व की सोच इसे अनुचित ठहराती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हिंदू धर्म को हिंदुत्व से खुद की रक्षा करनी चाहिए।
मणिशंकर अय्यर की दलील
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि हिंदू धर्म एक महान और प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक अवधारणा है। उनके अनुसार, हिंदू धर्म ने हजारों वर्षों तक संघर्षों के बावजूद स्वयं को बनाए रखा और उसे किसी राजनीतिक संरक्षण की आवश्यकता नहीं रही।
सुधांशु त्रिवेदी का पक्ष
भारतीय जनता पार्टी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हिंदू परंपरा ही ऐसी है, जो अपने धार्मिक ग्रंथों पर बहस की अनुमति देती है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व कोई अपमानजनक शब्द नहीं, बल्कि हिंदू तत्व की अभिव्यक्ति है। उनके मुताबिक, जब हिंदू धर्म का सम्मान किया जाता है, तो वही हिंदुत्व कहलाता है।
बहस का निष्कर्ष
कोलकाता में हुई इस बहस ने साफ कर दिया कि हिंदुत्व और हिंदू धर्म को लेकर देश की राजनीति और बौद्धिक समाज में गहरे मतभेद बने हुए हैं। मंच पर रखे गए तर्कों ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विविधता और राजनीति के संबंधों पर एक बार फिर बहस को तेज कर दिया।