नमो बुक फेस्टिवल: प्रधान मंत्री मोदी पर लिखी 400+ पुस्तकों का संगम
नमो बुक फेस्टिवल: मोदी पर लिखी पुस्तकों से सजेगा आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर लिखी 400 से अधिक पुस्तकों का एक ही छत के नीचे प्रदर्शन
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दिल्ली के 30 कॉलेजों और 200 से अधिक विद्यालयों की भागीदारी
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युवाओं के लिए ‘Gen V फेस्टिवल’ और बच्चों की विशेष पुस्तक का लोकार्पण
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आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में दो दिवसीय वैचारिक आयोजन
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली। 12 जनवरी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन, विचारों, नेतृत्व शैली और नीतियों पर आधारित पुस्तकों को केंद्र में रखते हुए भारत का पहला नमो बुक फेस्टिवल 16 और 17 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह दो दिवसीय आयोजन काउंसिल फॉर मीडिया एंड पब्लिक पॉलिसी रिसर्च द्वारा नई दिल्ली स्थित आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन पुस्तकों के माध्यम से वैचारिक संवाद को जनसामान्य तक पहुँचाने का एक अनूठा प्रयास है।
वैश्विक कीर्तिमान से जुड़ा आयोजन
आयोजक अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी समकालीन वैश्विक नेताओं में ऐसे अग्रणी नेता हैं, जिन पर सर्वाधिक पुस्तकें लिखी गई हैं। अब तक उनकी जीवन-यात्रा, राजनीतिक दृष्टि, प्रशासनिक निर्णयों और नीतिगत पहलों पर 400 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इस विशिष्ट उपलब्धि को देशवासियों, विशेषकर युवा पीढ़ी के सामने लाने के उद्देश्य से नमो बुक फेस्टिवल की परिकल्पना की गई है।
एक ही छत के नीचे पुस्तकों का विशाल संसार
नमो बुक फेस्टिवल के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर लिखी गई सभी प्रमुख और चर्चित पुस्तकों का प्रदर्शन किया जाएगा। पाठक इन पुस्तकों को न केवल देख सकेंगे, बल्कि न्यूनतम मूल्य पर खरीद भी सकेंगे। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य पुस्तकों को केवल प्रदर्शनी तक सीमित न रखते हुए उन्हें आमजन तक सुलभ बनाना है।
संवाद, विमर्श और वैचारिक चर्चा
फेस्टिवल में पुस्तकों के माध्यम से लेखक, पत्रकार, बुद्धिजीवी और युवा प्रतिभागी प्रधानमंत्री मोदी के विचारों, उनके नेतृत्व दृष्टिकोण और केंद्र सरकार की नीतियों पर संवाद करेंगे। विभिन्न सत्रों में समकालीन राजनीति, राष्ट्र निर्माण और युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
युवाओं और विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी
आयोजन में युवाओं की भागीदारी को विशेष रूप से प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत दिल्ली के 30 महाविद्यालयों और 200 से अधिक विद्यालयों को इस फेस्टिवल से जोड़ा गया है। आयोजकों का कहना है कि यह मंच विद्यार्थियों को विचारशील चर्चा से जोड़ने और उनमें राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त करने का माध्यम बनेगा।
Gen V फेस्टिवल: विकसित भारत का विजन
नमो बुक फेस्टिवल के अंतर्गत भारत का पहला Gen V फेस्टिवल भी आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में 30 से अधिक महाविद्यालयों के 800 से अधिक युवा भाग लेंगे। आयोजकों के अनुसार, Gen V का तात्पर्य उस युवा पीढ़ी से है, जिसका ‘V’ विकसित भारत के विजन का प्रतीक है। यह कार्यक्रम उन धारणाओं के विपरीत एक सकारात्मक संदेश देगा, जिनमें युवाओं को लेकर नकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जाता है।
बच्चों की पुस्तक का विशेष लोकार्पण
फेस्टिवल के दौरान “बच्चों के मन की बात, मोदी जी के साथ” पुस्तक का लोकार्पण भी किया जाएगा। यह पुस्तक ‘परीक्षा पर चर्चा’ जैसे संवादात्मक कार्यक्रमों का बच्चों के मन पर पड़े प्रभाव को सामने लाती है। इसके लिए देशभर से स्कूली बच्चों से लेख आमंत्रित किए गए थे, जिनमें 500 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। इनमें से 75 श्रेष्ठ लेखों का चयन कर पुस्तक का संपादन और प्रकाशन किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय सहभागिता की झलक
इस पुस्तक में श्रीनगर की स्कूली बालिकाओं के साथ-साथ भारत से स्नेह रखने वाले पोलैंड के एक छात्र का लेख भी शामिल है। आयोजकों के अनुसार, यह सहभागिता प्रधानमंत्री मोदी के विचारों की वैश्विक स्वीकार्यता को भी दर्शाती है। नमो बुक फेस्टिवल में 700 से अधिक स्कूली बच्चों की उपस्थिति में इस पुस्तक का लोकार्पण किया जाएगा।
विचारों का उत्सव
आयोजकों का कहना है कि नमो बुक फेस्टिवल केवल एक पुस्तक मेला नहीं, बल्कि विचारों, संवाद और युवा चेतना का उत्सव है। यह आयोजन पुस्तकों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और वैचारिक समृद्धि को बढ़ावा देने का प्रयास है।