धर्म के नाम पर उत्पीड़न एएमयू की प्रोफेसर का बड़ा आरोप

केंद्रीय विश्वविद्यालय में समानता पर सवाल, प्रोफेसर ने डीन पर लगाए गंभीर आरोप

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  • राजनीति विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर ने 27 वर्षों से मानसिक दबाव का आरोप लगाया
  • विभागाध्यक्ष व डीन पर सांप्रदायिक टिप्पणी और पद के दुरुपयोग का दावा
  • कुलपति को लिखित शिकायत, ऑडियो रिकॉर्डिंग और ट्रांसक्रिप्ट सौंपी
  • निष्पक्ष जाँच और जाँच पूरी होने तक डीन को हटाने की मांग

समग्र समाचार सेवा
अलीगढ़ | तारीख| 08 जनवरी: देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा संस्थानों में समानता और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीति विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर रचना कौशल ने आरोप लगाया है कि उन्हें उनकी धार्मिक पहचान के कारण लंबे समय से उत्पीड़न झेलना पड़ा।

कुलपति को सौंपी लिखित शिकायत

प्रोफेसर रचना कौशल ने विभागाध्यक्ष और डीन प्रोफेसर मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कुलपति को लिखित शिकायत दी है। शिकायत के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग और उसकी ट्रांसक्रिप्ट भी सौंपी गई है, जिसमें कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का उल्लेख है।

‘तुम हिंदू हो, बीएचयू चली जाओ’

शिकायत के अनुसार, उनसे कथित तौर पर कहा गया कि ‘तुम हिंदू हो, बीएचयू चली जाओ’। प्रोफेसर का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी न केवल संविधान के खिलाफ है, बल्कि विश्वविद्यालय की धर्मनिरपेक्ष परंपरा पर भी सीधा हमला है। यहाँ बीएचयू से आशय काशी हिंदू विश्वविद्यालय से बताया गया है।

मानसिक दबाव और गर्भपात का आरोप

शिकायत में सबसे संवेदनशील आरोप गर्भावस्था के दौरान मानसिक दबाव से जुड़ा है। प्रोफेसर का दावा है कि लगातार तनाव और उत्पीड़न के कारण उन्हें जुड़वां बच्चों का गर्भपात झेलना पड़ा।

निष्पक्ष जाँच की मांग

प्रोफेसर रचना कौशल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और पूरी होने तक संबंधित डीन को पद से हटाने की मांग की है। फिलहाल इस गंभीर प्रकरण पर विश्वविद्यालय प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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