18 दिन में 6 हिंदुओं की हत्या, फिर भी बांग्लादेश बोले– ये तो सामान्य अपराध हैं
18 दिन में 6 हिंदुओं की हत्या, फिर भी ‘नॉर्मल क्राइम’ की दलील
समग्र समाचार सेवा
ढाका | 06 जनवरी: बांग्लादेश सरकार का कहना है कि हिंदुओं पर हो रहे हमले सामान्य आपराधिक घटनाएं हैं, इनमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। लेकिन बीते कुछ दिनों में घटनाओं की आवृत्ति और पीड़ितों की पहचान को लेकर सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं।
भारत में प्रतिक्रिया और खेल पर असर
हिंदुओं पर हमलों की खबरों के बाद भारत में कई स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन हुए। इसी पृष्ठभूमि में आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी के विरोध ने तूल पकड़ा, जिसके बाद मुस्तफिजुर रहमान को टूर्नामेंट से बाहर किया गया। इससे दोनों देशों के खेल संबंधों में भी तल्खी आई।
खोकोन दास हत्या मामला: सरकार का पक्ष
खोकोन दास की हत्या पर भारत में भारतीय जनता पार्टी समेत कई संगठनों ने सवाल उठाए। बांग्लादेश सरकार ने कहा कि प्रारंभिक पुलिस जांच में यह लूट का मामला निकला है, सांप्रदायिक हिंसा नहीं। पुलिस के मुताबिक इलाज के दौरान खोकोन ने हमलावरों की पहचान की थी और तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
परिवार का बयान बनाम जमीनी हकीकत
सरकार का दावा है कि परिवार और स्थानीय लोग सांप्रदायिक दावों को खारिज कर रहे हैं और हिंदू मुस्लिम मिलकर न्याय की मांग कर रहे हैं। वहीं, खोकोन दास की पत्नी सीमा दास का कहना है कि वे शांति से रहना चाहते हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके पति को क्यों निशाना बनाया गया।
18 दिन में 6 हत्याएं: आंकड़े क्या कहते हैं
बीते 18 दिनों में सामने आई घटनाओं ने सरकार की दलीलों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। एक ओर ‘सामान्य अपराध’ की बात कही जा रही है, दूसरी ओर लगातार हिंदू समुदाय के लोग ही शिकार बन रहे हैं। एक विधवा महिला के साथ दुष्कर्म की घटना ने चिंता और बढ़ा दी है।
बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या:
18 दिसंबर – दीपू चंद्र दास
24 दिसंबर – अमृत मंडल
29 दिसंबर – बिजेंद्र विश्वास
3 जनवरी – खोकोन दास
5 जनवरी – राणा प्रताप बैरागी
5 जनवरी – शरत चक्रवती मणि