डेल्सी रोड्रिगेज ने संभाली वेनेजुएला की कमान

अमेरिकी कार्रवाई के बाद सत्ता परिवर्तन, कराकस की सड़कों पर उतरे मादुरो समर्थक

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  • अमेरिका द्वारा निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति पद की शपथ ली
  • चीन, रूस और ईरान ने खुलकर डेल्सी रोड्रिगेज का समर्थन किया
  • शपथ समारोह में भावुक रहीं डेल्सी रोड्रिगेज, बोलीं-“भारी मन से जिम्मेदारी संभाल रही हूं”

समग्र समाचार सेवा
कराकस |06 जनवरी: वेनेजुएला की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने के कुछ ही घंटों बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली। शपथ के दौरान डेल्सी रोड्रिगेज भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि वह भारी मन से यह जिम्मेदारी संभाल रही हैं और मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिका द्वारा अगवा किए जाने का आरोप भी लगाया।

नेशनल असेंबली में हुआ शपथ ग्रहण

डेल्सी रोड्रिगेज को शपथ उनके भाई और नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने दिलाई। अपने संबोधन में उन्होंने खुद को संवैधानिक राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की उपराष्ट्रपति बताते हुए कहा कि वह संविधान के तहत ही कार्यभार संभाल रही हैं।

चीन, रूस और ईरान का खुला समर्थन

शपथ ग्रहण के तुरंत बाद वेनेजुएला के करीबी देशों के राजदूत उन्हें बधाई देने पहुंचे। चीन की राजदूत लान हू ने उन्हें गले लगाया, रूस के राजदूत सर्गेई मेलिक-बागदासारोव ने मुलाकात की, जबकि ईरान के राजदूत अली चेगिनी ने सम्मान स्वरूप झुककर अभिवादन किया। तीनों देशों ने अमेरिका के उस सैन्य अभियान की कड़ी निंदा की, जिसमें मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया। इन देशों ने इसे वेनेजुएला की संप्रभुता के खिलाफ बताया।

कराकस की सड़कों पर मादुरो समर्थकों का प्रदर्शन

मादुरो के हटने के बाद भी राजधानी कराकस में उनके समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे। वेनेजुएला के झंडे और मादुरो समर्थन की तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया गया। सरकार समर्थक ऐसे प्रदर्शन पहले भी कराती रही है, ताकि जनता का समर्थन दिखाया जा सके। इससे पहले अगस्त में भी अमेरिका द्वारा मादुरो पर इनाम बढ़ाए जाने के बाद कराकस में बड़ा समर्थन प्रदर्शन हुआ था, जिसमें डेल्सी रोड्रिगेज भी शामिल थीं।

सरकार और विपक्ष आमने-सामने

अतीत में जब लोकतांत्रिक विपक्ष ने प्रदर्शन किए, तो सरकार समर्थकों ने जवाबी प्रदर्शन किए। इससे राजधानी की सड़कों पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे और हालात तनावपूर्ण हो गए थे।

अमेरिका की रणनीति पर पूर्व राजदूत का बयान

अमेरिका के पूर्व राजदूत चार्ल्स शैपिरो ने कहा कि अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाल करने से ज्यादा स्थिरता बनाए रखने पर ध्यान दे रहा है। उनके अनुसार, अमेरिकी सरकार ने आंतरिक मंत्री डियोसदादो काबेलो को पद पर बने रहने दिया है, जबकि उनका नाम भी उसी अमेरिकी मामले में शामिल है जिसमें मादुरो का नाम था। काबेलो अब भी पुलिस बल की कमान संभाले हुए हैं।

सत्ता बदली, व्यवस्था वही

शैपिरो के मुताबिक कराकस में जश्न जैसा माहौल इसलिए नहीं है क्योंकि लोगों को नहीं पता कि पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी। उनका कहना है कि मादुरो भले ही हट गए हों, लेकिन उनकी पूरी व्यवस्था अब भी कायम है। डेल्सी रोड्रिगेज लंबे समय से मादुरो की करीबी रही हैं, इसलिए सत्ता में वही लोग बने हुए हैं।

तेल क्षेत्र पर अमेरिका की नजर

पूर्व राजदूत ने यह भी बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न तो विपक्षी नेता एडमंडो गोंजालेज उरुतिया को सत्ता सौंपने में रुचि दिखाई और न ही विपक्ष की प्रमुख नेता मारिया कोरिना माचाडो पर भरोसा जताया। अमेरिका अब वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को देश के पुनर्निर्माण के लिए फंड जुटाने का जरिया मान रहा है, हालांकि यह प्रक्रिया आसान नहीं मानी जा रही।

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