सीएम फडणवीस पर टिप्पणी पड़ी भारी, भाजपा ने महिला उम्मीदवार का टिकट काटा
सोशल मीडिया पर सामने आया मराठा आरक्षण आंदोलन काल का वीडियो, विवाद के बाद उम्मीदवारी वापस
-
पुणे निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित महिला उम्मीदवार का टिकट वापस
-
मराठा आरक्षण आंदोलन के समय का पुराना वीडियो हुआ वायरल
-
वीडियो में सीएम और उनके परिवार पर व्यक्तिगत टिप्पणी का आरोप
-
पार्टी नेतृत्व से चर्चा के बाद उम्मीदवार ने नामांकन लिया वापस
समग्र समाचार सेवा
पुणे | 02 जनवरी: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सोशल मीडिया विवाद ने चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पुणे निकाय चुनाव के लिए अपनी महिला उम्मीदवार पूजा मोरे जाधव का टिकट वापस ले लिया है। यह फैसला तब लिया गया, जब सोशल मीडिया पर उनका एक पुराना वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वह मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करती नजर आईं।
किस सीट से थीं उम्मीदवार
पूजा मोरे जाधव 15 जनवरी को होने वाले निकाय चुनाव में सहयोगी दल आरपीआई के कोटे से वार्ड नंबर 2 से चुनाव मैदान में थीं। उन्हें भाजपा की ओर से एबी फ़ॉर्म भी जारी किया जा चुका था, जो नामांकन के लिए अनिवार्य दस्तावेज माना जाता है।
विवाद की जड़: पुराना वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो मराठा आरक्षण आंदोलन के समय का बताया जा रहा है। वीडियो में पूजा जाधव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी पत्नी को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणी करती दिख रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद पार्टी के भीतर असहजता बढ़ गई और मामला शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया।
भाजपा की पुष्टि
पुणे से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने पुष्टि की कि पूजा जाधव ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस तरह के विवादों से चुनावी माहौल प्रभावित नहीं होने देना चाहती।
उम्मीदवार का पक्ष
पूजा मोरे जाधव ने खुद को सोशल मीडिया ट्रोलिंग का शिकार बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ गलत जानकारी फैलाई गई। उन्होंने कहा कि कुछ बयान किसी और के थे, लेकिन उन्हें उनके नाम से जोड़कर पेश किया गया। बढ़ते विवाद को देखते हुए उन्होंने स्वेच्छा से नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया।
राजनीतिक संकेत
इस घटनाक्रम को भाजपा की सख्त अनुशासन नीति और सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर चुनावी समय में।