डंकी रूट मामला : दिल्ली-पंजाब में ईडी की छापेमारी, करोड़ों कैश और सोना चांदी जब्त

अवैध तरीके से युवाओं को अमेरिका भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों पर शिकंजा, 4.62 करोड़ नकद और 6 किलो सोना बरामद

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  • ईडी ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की।
  • कार्रवाई में 4 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद, 300 किलो से अधिक चांदी और 6 किलो सोना जब्त।
  • डंकी रूट से युवाओं को अवैध तरीके से अमेरिका भेजने का आरोप।
  • फरवरी 2025 में 330 भारतीयों की अमेरिका से वापसी के बाद तेज हुई जांच।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 19 दिसंबर: डंकी रूट मामले में ईडी की छापेमारी के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में एक साथ कई ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान जांच एजेंसी ने करोड़ों रुपये नकद, भारी मात्रा में चांदी और सोने के बिस्किट जब्त किए हैं।

ईडी ने गुरुवार को दिल्ली, पंजाब के जालंधर और हरियाणा के पानीपत में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली स्थित एक ट्रैवल एजेंट के ठिकाने से 4.62 करोड़ रुपये नकद, 313 किलो चांदी और 6 किलो सोने के बिस्किट बरामद किए गए। इसके अलावा कई मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए गए, जिनमें आपत्तिजनक चैट और लेनदेन से जुड़े सबूत मिले हैं।

जांच में सामने आया है कि आरोपी एजेंट अवैध तरीके से अमेरिका भेजे जाने वाले युवाओं के प्रॉपर्टी दस्तावेज अपने पास रखते थे, ताकि मोटे कमीशन की गारंटी ली जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क ‘डंकी रूट’ के जरिए संचालित किया जा रहा था, जिसमें लोगों को दक्षिण अमेरिकी देशों के रास्ते खतरनाक सफर पर भेजा जाता था।

ईडी के अनुसार, इस मामले में पहली छापेमारी जुलाई में की गई थी। हाल ही में इस रैकेट से जुड़े ट्रैवल एजेंटों की करीब 5 करोड़ रुपये की संपत्ति भी अटैच की गई है। जांच पंजाब और हरियाणा पुलिस द्वारा फरवरी 2025 में दर्ज एफआईआर के आधार पर की जा रही है, जब अमेरिकी सरकार ने 330 भारतीय नागरिकों को सैन्य विमानों से भारत भेजा था।

ईडी का दावा है कि आरोपियों ने भोले-भाले युवाओं को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का झांसा दिया, भारी रकम वसूली और फिर उन्हें अवैध रास्तों से सीमा पार करने के लिए मजबूर किया। एजेंसी के मुताबिक, यात्रा के दौरान पीड़ितों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी और उनसे अतिरिक्त पैसे भी वसूले गए।

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