हिजाब विवाद पर गिरिराज सिंह और इल्तिजा मुफ्ती में जुबानी जंग

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया कि बिहार सीएम ने कुछ गलत नहीं किया, जबकि इल्तिजा मुफ्ती ने ट्वीट कर कड़ी प्रतिक्रिया दी

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  • केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र के दौरान सही कदम उठाया।
  • उन्होंने हिजाब हटाने वाले विवाद को भारतीय कानून और सुरक्षा मानकों के संदर्भ में सही ठहराया।
  • जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने ट्वीट कर मंत्री पर हमला बोला।
  • मामला सोशल मीडिया पर वायरल, हिजाब और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर राजनीतिक बहस छिड़ी।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 18 दिसंबर:बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक कार्यक्रम में महिला के चेहरे से हिजाब हटाने के मामले को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि इस मामले में नीतीश कुमार ने कोई गलत काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब कोई नियुक्ति पत्र लेने आता है, तो चेहरे का खुला होना सामान्य प्रक्रिया है। गिरिराज सिंह ने इसे कानून का पालन और गार्जियन की जिम्मेदारी बताया।

गिरिराज सिंह ने कहा, “यह कोई इस्लामिक देश नहीं है। जब आप पासपोर्ट लेने या एयरपोर्ट पर जाती हैं, तब भी चेहरा दिखाना अनिवार्य है। नीतीश कुमार ने बिलकुल सही किया। यदि महिला नौकरी को रिफ्यूज करना चाहती है, तो वह अपना विकल्प चुन सकती है।”

इस पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने गिरिराज सिंह को निशाना बनाते हुए लिखा, “इस आदमी के गंदे मुंह को साफ करने के लिए सिर्फ फिनाइल ही काम आएगा। हमारी मुस्लिम माताओं और बहनों के हिजाब और नकाब को छूने की हिम्मत मत करना। नहीं तो हम आपको ऐसा सबक सिखाएंगी जो आप जीवन भर याद रखेंगे।”

इल्तिजा मुफ्ती ने आगे कहा, “नीतीश कुमार आपने एक हाथ से डिग्री दी और दूसरे हाथ से लड़की को सरेआम बेनकाब कर दिया। क्या आपको यह नहीं पता कि हिजाब एक मुस्लिम लड़की के लिए कितनी अहमियत रखता है? बिहार के सीएम होने का मतलब यह नहीं कि आप ऐसा अपमान कर सकते हैं।”

मामला सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है, और हिजाब और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल और अधिकार संगठन इस घटना की आलोचना कर रहे हैं, जबकि भाजपा और केंद्रीय मंत्री इसे कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा मानक के तहत सही ठहरा रहे हैं।

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