भाजपा में सलाह नहीं ली जाती, कांग्रेस में वापसी संभव नहीं: कैप्टन अमरिंदर
पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भाजपा की केंद्रीकृत निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस को अधिक लोकतांत्रिक बताया
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अमरिंदर सिंह ने भाजपा पर दिल्ली से फैसले थोपने का आरोप लगाया
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कहा, 60 साल के राजनीतिक अनुभव के बावजूद उनसे सलाह नहीं ली जाती
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कांग्रेस में वापसी की अटकलों को सिरे से खारिज किया
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पंजाब में भाजपा की मजबूती के लिए SAD से गठबंधन जरूरी बताया
समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़ | 14 दिसंबर: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी की कार्यप्रणाली पर खुलकर असंतोष जताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा में लगभग सभी अहम फैसले दिल्ली में लिए जाते हैं और ज़मीनी नेताओं से सलाह नहीं ली जाती। अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह खुद को नेतृत्व पर थोप नहीं सकते।
कांग्रेस को बताया अधिक लोकतांत्रिक
भाजपा की तुलना करते हुए अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को अधिक लोकतांत्रिक करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में नेतृत्व नेताओं की बात सुनता था और संवाद की गुंजाइश रहती थी। हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि पीएम का पंजाब के प्रति विशेष लगाव है और वे राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर विराम
कांग्रेस में दोबारा लौटने की चर्चाओं पर अमरिंदर सिंह ने साफ कहा कि अब यह संभव नहीं है। सितंबर 2021 में मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह आज भी उससे आहत हैं। हालांकि, उन्होंने भावनात्मक रूप से यह जरूर कहा कि यदि सोनिया गांधी व्यक्तिगत तौर पर किसी मदद की मांग करेंगी, तो वह सहयोग करेंगे, लेकिन राजनीतिक स्तर पर नहीं।
सिद्धू और पंजाब की राजनीति पर टिप्पणी
नवजोत सिंह सिद्धू और नवजोत कौर सिद्धू के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमरिंदर सिंह ने दोनों को अस्थिर बताया और सिद्धू को राजनीति छोड़कर क्रिकेट कमेंट्री पर ध्यान देने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा तभी मजबूत हो सकती है, जब वह शिरोमणि अकाली दल के साथ फिर से गठबंधन करे।