स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस शुरू, राजस्थान को रेलवे के लिए ₹55,000 करोड़
जैसलमेर-दिल्ली के बीच नई रेल सेवा शुरू; रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- राजस्थान में 85 स्टेशनों का हो रहा है पुनर्विकास
- उद्घाटन: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और गजेंद्र सिंह शेखावत ने जैसलमेर–दिल्ली (शकरबस्ती) रेल सेवा को हरी झंडी दिखाई, जिसका नामकरण ‘स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस’ किया गया है।
- कनेक्टिविटी में सुधार: यह नई सेवा रामदेवरा, जोधपुर, मकराना, जयपुर और अलवर जैसे प्रमुख राजस्थानी शहरों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ेगी, जिससे पर्यटन और बेहतर सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित होगी।
- विकास परियोजनाएं: रेल मंत्री ने बताया कि राजस्थान में रेलवे विकास के लिए लगभग ₹55,000 करोड़ की परियोजनाएं चल रही हैं और ₹4,000 करोड़ के निवेश से 85 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।
समग्र समाचार सेवा
जैसलमेर, 29 नवंबर: केंद्रीय रेल, सूचना और प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज जैसलमेर रेलवे स्टेशन से नई जैसलमेर-दिल्ली (शकरबस्ती) रेल सेवा की उद्घाटन विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह सेवा पश्चिमी राजस्थान के लिए कनेक्टिविटी और विकास के नए द्वार खोलने के लिए तैयार है।
जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए, श्री वैष्णव ने घोषणा की कि जैसलमेर-दिल्ली (शकरबस्ती) एक्सप्रेस को ‘स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस’ नाम दिया जाएगा, जो जैसलमेर शहर के सुनहरे गौरव को दर्शाता है।
कनेक्टिविटी में क्रांति, विकास को मिलेगी गति
स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस जैसलमेर और राष्ट्रीय राजधानी के पश्चिमी क्षेत्र के बीच रेल कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी। यह नई सेवा यात्रियों को उन्नत चिकित्सा और शैक्षिक सुविधाओं तक आसान पहुंच प्रदान करेगी, प्रमुख पर्यटन स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया और इस पहल को पश्चिमी राजस्थान के लिए एक बड़ा उपहार बताया।
राजस्थान के रेलवे विकास पर अभूतपूर्व कार्य
अपने संबोधन में, श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे तेजी से प्रगति कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास की यात्रा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राजस्थान में रेलवे के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किया जा रहा है, और वर्तमान में लगभग ₹55,000 करोड़ की परियोजनाएं प्रगति पर हैं। उन्होंने पूर्व की तुलना में वर्तमान बजट आवंटन का उल्लेख करते हुए बताया कि 2014 से पहले राजस्थान के लिए वार्षिक बजट आवंटन केवल लगभग ₹680 करोड़ था, जो अब बढ़कर लगभग ₹10,000 करोड़ हो गया है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक विस्तार
श्री वैष्णव ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे नेटवर्क का विस्तार करने की योजना पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अनूपगढ़ से खाजूवाला, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और भाभर तक नई लाइन बिछाने का प्रस्ताव विभिन्न चरणों में आगे बढ़ रहा है। इन लाइनों के निर्माण से न केवल आम जनता को लाभ होगा, बल्कि सशस्त्र बलों के लिए रणनीतिक समर्थन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी।
स्टेशनों का पुनर्विकास और नई सुविधाएं
रेल मंत्री ने जैसलमेर स्टेशन के पुनर्विकास की जानकारी देते हुए कहा कि इसका परिवर्तन ₹140 करोड़ की लागत से पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में ₹4,000 करोड़ के निवेश के साथ 85 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य चल रहा है।
अन्य प्रमुख घोषणाएँ:
जैसलमेर स्टेशन: यहां दूसरे प्रवेश द्वार के निर्माण की घोषणा की गई। अधिकारियों को अधिक ट्रेनों के संचालन के लिए कोचिंग डिपो का काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया।
पोकरण स्टेशन: रामदेवरा-पोकरण वाया भैरव गुफा और कैलाश टेकरी नई रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के बाद सभी ट्रेनों को इस स्टेशन पर ठहराव दिया जाएगा।
ट्रैक नवीनीकरण: जैसलमेर और जोधपुर के बीच ट्रैक नवीनीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया गया।
श्री वैष्णव ने यह भी बताया कि राजस्थान में रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के कारण, छह जोड़ी वंदे भारत ट्रेनें और एक जोड़ी अमृत भारत ट्रेन सहित अन्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं, और पिछले छह महीनों में इस ट्रेन सहित आठ नई ट्रेनें शुरू की गई हैं।