कश्मीर अस्पतालों में तलाशी पर डॉक्टरों की आपत्ति
लाल किला ब्लास्ट मॉड्यूल की जांच के बाद घाटी के अस्पतालों में लगातार सर्च
-
दो हफ्तों से व्यापक तलाशी, डॉक्टरों के निजी लॉकर तक खोले जा रहे
-
राइफल बरामदगी के दावे के बाद जांच तेज, चार डॉक्टरों पर मॉड्यूल से लिंक का शक
-
डॉक्टरों ने आपत्ति जताई, चुपचाप जांच हो सकती थी, हमें क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
-
पुलिस कहती है अस्पताल प्रशासन ने सहयोग किया, भविष्य में भी औचक निरीक्षण संभव
समग्र समाचार सेवा
श्रीनगर | 28 नवंबर: दिल्ली के लाल किला विस्फोट मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद जम्मू-कश्मीर में अस्पतालों पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का तलाशी अभियान लगातार जारी है। पिछले दो हफ्तों से पुलिस टीमें कैमरों के साथ घाटी के बड़े अस्पतालों में प्रवेश कर रही हैं और डॉक्टरों को आवंटित निजी लॉकर भी खोले जा रहे हैं।
जांच के दौरान अधिकारियों ने अनंतनाग के GMC के एक पुराने लॉकर से राइफल ज़ब्त करने का दावा किया। यह लॉकर विस्फोट मामले के आरोपी डॉ. अदील अहमद राठेर को आवंटित था, जो एक साल पहले संस्थान छोड़ चुके थे, लेकिन लॉकर उनका ही कब्ज़े में था। पुलिस का कहना है कि हर लॉकर का पूरा हिसाब मिलने तक तलाशी जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे।
हालाँकि, इन तलाशी अभियानों को लेकर डॉक्टरों ने कड़ी नाराज़गी जताई है। श्रीनगर के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा, “सुरक्षा चिंताएँ समझ में आती हैं, लेकिन कैमरा-रेडी रेड से पूरे मेडिकल समुदाय को संदिग्ध बताने जैसा संदेश जा रहा है। क्या वे यह बताना चाहते हैं कि हम सब आतंकवादी हैं?”
उधर, पुलवामा जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अब्दुल गनी डार ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उन्होंने अज्ञात और बिना लेबल वाले लॉकरों की सील तोड़ी, लेकिन वहां “एप्रन और दवाइयों” के अलावा कुछ नहीं मिला।
पुलिस विभाग के भीतर से भी कुछ अधिकारियों ने व्यापक तलाशी पर सवाल उठाए हैं, यह कहते हुए कि इससे डॉक्टरों और जनता के बीच अनावश्यक अविश्वास पैदा हो सकता